राजद MLC खुर्शीद अहमद की अचानक मौत से राजद में शोक की लहर; राजद सुप्रीमो के करीबी थे

पटना: राजद के कद्दावर नेता सह बिहार विधान परिषद के सदस्य खुर्शीद अहमद मो​हसिन की अचानक हुई मौत से राजद में शोक की लहर फ़ैल गयी  है. खुर्शीद मोहसिन को राजद सुप्रीमो लालू यादव के परिवार के करीबियों में एक माना जाता है.   उनके निधन की खबर सुनकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने परिजनों से मिलकर शोक व्यक्त किया है.


तेजस्वी यादव उनके परिजनों से मिलने राजधानी स्थित एसपी वर्मा रोड स्थित उनके निजी आवास पहुंचे. तेजस्वी यादव ने कहा खुर्शीद जी हम लोगों के परिवार की बहुत करीब थे. वो हमारी पार्टी और हमारे दुख और सुख दोनों क्षणों में साथ रहे हैं.

राजद एमएलसी खुर्शीद अहमद मोहसिन नालंदा के मिरदाद गांव के रहनेवाले थे. मिली जानकारी के मुताबिक वे बस दो दिन पहले ही बीमार पड़े थे. उनके डॉक्‍टर बेटे ने इलाज कराया था, लेकिन वे नहीं बच सके. शुक्रवार की दोपहर में उन्‍हें हार्ट अटैक आ गया. राजद की ओर से बीते साल 9 अप्रैल को एमएलसी पद के लिए खुर्शीद मोहसिन को टिकट दिया था. इसके बाद उन्होंने 21 अप्रैल को नामांकन किया था. खुर्शीद अहमद मो​हसिन को दो बेटे फैज अहमद डॉक्‍टर तथा सिराज अहमद इंजीनियर हैं. वहीं, बेटी मोनिजा भी डॉक्‍टर हैं. बेटे डॉ फैज ने फोन पर बताया कि पिता खुर्शीद अहमद मोहसिन को शनिवार को गांव मिरदाद में ही सुपर्द ए खाक किया जाएगा.

राजद संसदीय दल के नेता जयप्रकाश नारायण यादव ने शोक व्यक्त किया है और कहा ​है कि खुर्शीद मोहसिन के निधन से बिहार की सियासत को अपूरणीय क्षति हुई है. वे हाल ही में डॉ रामचंद्र पूर्वे के साथ एमएलसी बने थे. मोहसिन का निधन के बाद  प्रदेश राजद कार्यालय में चल रहे जिला प्रभारी और सहायक प्रभारियों की बैठक को स्थगित कर दिया गया.

मोहम्मद खुर्शीद मोहसिन पिछले 30 सालों से लालू परिवार को हरी सब्जियों खिलाते रहे हैं. मुख्यमंत्री आवास से लेकर गोशाला और इनकी ही देखरेख में किचेन गार्डन चलता था. आरजेडी सुप्रीमो इन्हें प्यार से ‘कृषि मंत्री’ बुलाते थे.  खुर्शीद साल 1993 से 1996 तक बिहार शरीफ नगर पालिका के चेयरमैन रहे.  सबसे कम उम्र के 1972 में वार्ड कमिश्नर बने. इतना ही नहीं मोहम्मद खुर्शीद  चार बार बिहार शरीफ के जिला अध्यक्ष भी रहे. मगध विश्वविधयालय से बीए की पढ़ाई करने वाले खुर्शीद रेलवे में 2006 से 2009 तक पीएसी के मेंबर रहे.सैयद मोहसिन खुर्शीद के पिता सैयद वसीयुद्दीन अहमद दो टर्म बिहारशरीफ से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे. पहली बार 1967 में हुए उप चुनाव में जीते थे। तब के मंत्री अकील अहमद का इंतकाल हो जाने पर उप चुनाव हुआ था और कांग्रेस ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था. अगले चुनाव में भी जीते पर 1977 में हार गए.


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