सपा बसपा गठबंधन की घोषणा के बाद यूपी की राजनीति में हलचल; सारे दल दांव पेंच में लगे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बसपा और सपा के गठबंधन ने प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है. इसका असर बिहार में भी देखने को मिल रहा है. कल राष्ट्रीय जनता दल के नेता व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बसपा और सपा के बीच गठबंधन के दूसरे दिन यहां बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की.  उन्होंने कहा कि यूपी में मायावती और अखिलेश का गठबंधन अटूट है, ऐसा उनके पिता लालू प्रसाद भी चाहते थे. यह गठबंधन नेहरू, कर्पूरी, लोहिया के विचारों का गठबंधन है और इस गठबंधन से भाजपा की हार होगी. बिहार से रविवार रात में लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे तेजस्वी ने मीडिया से बात की.


 

भाजपा की रणनीति: इसे ओबीसी- दलित गठबंधन के रूप में नहीं, बल्कि यादव- जाटव गठबंधन के रूप में प्रचारित किया जाए 

भाजपा ने भी इस गठबंधन की काट निकालने के लिए इसे ओबीसी दलित गठबंधन के रूप में नहीं, बल्कि यादव- जातव गठबंधन के रूप में प्रचार करने का निर्णय लिया है. ताकि गैर यादव और गैर जाटव वोटों को भाजपा के पक्ष में किया जाए.

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद विस्तारकों, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन मंत्री और सह प्रभारियों के साथ मैराथन बैठक की. इसमें पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के साथ आए गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित वोटों को हर हाल में सहेजने के निर्देश दिए गए. इस विषय पर मंथन किया गया कि सपा-बसपा गठबंधन के बाद बीते दो चुनाव में पार्टी के पक्ष में खड़ा हुआ गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित वोट बैंक में कहीं सेंध न लग जाए.

पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी की प्रचंड जीत का कारण मूल समर्थक मतदाता वर्ग (अगड़ा) के साथ गैर यादव ओबीसी के बड़े तो गैर जाटव दलित के छोटे तबके का पार्टी के साथ जुड़ना था. शाह की रणनीति के मुताबिक, सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण से अगड़ा वर्ग पार्टी के साथ पहले से जुड़ा हुआ है. विधानसभा चुनाव के बाद तीन लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में यह गठबंधन भाजपा पर भारी पड़ा था.

शिवपाल यादव कांग्रेस से हाथ मिलाने को तैयार: 

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अभी हमारी बात तो नहीं हुई है, लेकिन  अगर कांग्रेस हमसे गठबंधन के लिए संपर्क करेगी तो हम बिल्कुल तैयार हैं.

सपा विधायक ने हमला बोला: 

सपा-बसपा गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव की पार्टी के विधायक ने ही सवाल उठाया है. फिरोजाबाद के सिरसागंज विधायक हरिओम यादव ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन आगे नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) जैसे विशाल ह्रदय वाले व्यक्ति के साथ गठबंधन नहीं चला तो इनके साथ कैसे चलेगा. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष घुटने टेक दें तो ही यह संभव हो सकेगा.

 


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