औरत की वर्जिनिटी की तुलना कोल्ड ड्रिंक्स से करना घटिया सोच का नतीजा, विवाह पूर्व सेक्स भारत में नया नहीं

भारत एक ऐसा देश है जहां ‘कामसूत्र’ की रचना तो हुई लेकिन सेक्स और सेक्सुएलिटी को लेकर लोगों के विचार दोयम दर्जे के हैं. विवाह पूर्व सेक्स आज भी समाज में स्वीकार्य नहीं और इसे गलत नजरों से देखा जाता है, जबकि सच्चाई यह है कि इस देश पहली बार सेक्स करने की उम्र 17 साल है. कहने का आशय यह है कि विवाह पूर्व सेक्स यहां वर्जित हो ऐसा भी नहीं है. बावजूद इसके महिलाओं की वर्जिनिटी को लेकर लोगों के विचार घोर रुढ़िवादी है और इसका एक उदाहरण हाल में ही मिला. जब एक प्रोफेसर साहब ने युवा लड़कों को खुशहाली के राज समझाते हुए कहा कि उन्हें “वर्जिन दुल्‍हन क्यों ढूंढ़नी चाहिए. प्रोफेसर साहब ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा- बहुत सारे लड़के नादान हैं. वे नहीं जानते कि एक वर्जिन लड़की के पत्‍नी होने का क्‍या अर्थ होता है. वर्जिन लड़की एक सीलबंद बोतल या पैकेट की तरह होती है. अगर तुम कोल्‍ड ड्रिंक की बोतल या बिस्किट का पैकेट खरीदने जाओ तो ऐसा सामान खरीदना चाहोगे, जिसकी सील पहले से टूटी हुई हो. उन्होंने बताया कि लड़कियों के मामले में भी ऐसा ही है. एक लड़की की जैविक संरचना ही ऐसी होती है कि बचपन से उस पर एक सील लगी हुई होती है, जिसका अंत सेक्स के दौरान होता है. इसलिए एक वर्जिन लड़की का अर्थ है मूल्‍य, संस्‍कृति, संस्‍कार और सेक्‍सुअल हाइजीन.

प्रोफेसर साहब का यह पोस्ट निहायत ही घटिया सोच और महिलाओं को दोयम दर्जे का समझने वाला है. प्रोफेसर साहब ने यह तो बता दिया कि वर्जिनिटी लड़कियों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्होंने यह क्यों नहीं बताया कि लड़कियों की वर्जिनिटी जब भंग होती है, तो उसके लिए जिम्मेवार लड़कों के सेक्सुअल हाइजीन का क्या होगा? उनकी सोच यह बताती है कि इससे लड़कियों के संस्कार का पता चलता है, लेकिन क्या प्रोफेसर साहब यह बतायेंगे कि कोई महिला अकेले कैसे सेक्स कर सकती है. सेक्स दो लोगों के बीच की जाने वाली एक स्वाभाविक क्रिया है, जो सहमति से हो दोनों को खुशी देती है. ऐसे में इस क्रिया के लिए जिम्मेदार एक शख्स संस्कारी और दूसरा नीच कैसे हो सकता है? प्रोफसर साहब कनक सरकार ने पोस्ट तो डिलीट कर दिया, लेकिन उनकी सोच नहीं बदली,  उन्होंने महज दबाव और विरोध में आकर पोस्ट डिलीट किया है.

सेक्स एक स्वाभाविक क्रिया है जिसकी डिमांड हर इंसान के अंदर है, इसे शुचिता से जोड़कर स्त्री को चरित्रहीन और पुरुष को सच्चा साबित करने की कोशिश निहायत ही घटिया सोच का नतीजा है.  प्रगतिशीलता के तमाम दावों के बावजूद आज भी हमारे देश में वर्जिन दुल्हन को खुशहाल शादीशुदा जिंदगी का आधार माना जाता है. हालांकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार भारत में महिलाओं की पहली बार सेक्स करने की उम्र 15-24 साल है. आंकड़े बताते हैं कि विवाह पूर्व सेक्स अब देश में होते हैं हालांकि लोग इसपर बात नहीं करना चाहते. बमुश्किल दो प्रतिशत महिलाएं यह मानती हैं कि वे विवाह पूर्व सेक्स कर चुकी हैं.

क्या है वर्जिनिटी जिसे लेकर इतना हंगामा है मचा

वर्जिन होने का अर्थ है ऐसी महिला जिसने कभी सेक्स ना किया हो. चूंकि हमारे समाज में विवाह के बाद ही सेक्स की इजाजत है इसलिए दुल्हन का वर्जिन होना यह बहुत खास माना जाता है. महिलाओं की शारीरिक संरचना ऐसी है जिसमें उसके योनिमार्ग में मांस की एक झिल्ली (hymen)  होती है, जो योनि को कवर करती है. माना जाता है कि सेक्स के दौरान ही यह झिल्ली हटती है, जबकि विज्ञान की माने तो यह हमेशा सच नहीं है. विज्ञान का कहना है कि hymen योनि को पूरी तरह नहीं ढंकता है और इसमें पीरियड्‌स के दौरान रक्तस्राव के लिए काफी जगह होता है, कई बार यह झिल्ली खुद-बखुद भी स्ट्रेज होकर हट जाता है. कई लोगों में तो यह झिल्ली इतनी बड़ी होती है कि पीरियड्‌स में समस्या आती है और डाॅक्टर की मदद से उसे आपरेट करवाना पड़ता है.


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