कांग्रेस की “जन आकांक्षा रैली” पर राजद और हम ने कही ये बड़ी बात…

पटना: बिहार में आगामी लोक सभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी हैं. इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए कांग्रेस 3 फरवरी को पटना के गांधी मैदान में ‘जन आकांक्षा रैली’ आयोजित करने जा रही है, जिसमे पार्टी के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी शिरकत करेंगे. एक एनडीए की रैली भी गाँधी मैदान है. ऐसे में अगले महीने दोनों रैलियों की होने वाली तुलनाओं के चलते कांग्रेस इस रैली को सफल है. इस रैली की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए रविवार को कांग्रेस ने रोड शो भी आयोजित किया, जिसमे पूर्व मंत्री अखिलेश सिंह के साथ मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह भी शामिल हुए. इस दौरान अखिलेश सिंह ने अनंत सिंह को मजबूत आदमी बताते हुए उनकी तारीफ भी की.

ज्ञात हो कि अनंत सिंह मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं और बीते दिनों उन्‍होंने मुंगेर में रोड शो भी किया था.

पार्टी के नेता गांव-गांव तक जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं. कांग्रेस करीब 28 साल बाद बिहार में बड़ी रैली कर रही है. कांग्रेस के लिए इस रैली का बड़ा महत्त्व है क्योंकि पिछले तीन दशकों से पार्टी बिहार में राजद के समर्थन में खड़ी रही है और धीरे धीरे कांग्रेस का पारम्परिक वोट बैंक छिटक गया. जहाँ एक तरफ दलित वोट बैंक लोजपा और जदयू की और मुड़ गया, वहीं मुसलमान राजद के साथ चले गए और सवर्ण वोट बैंक ने भाजपा जताना बेहतर समझा. ऐसे में कांग्रेस बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में बदहाल हो गयी. फिलहाल तीन राज्यों में जीत के बाद कांग्रेस उत्साहित है. प्रियंका गाँधी के भी कांग्रेस महासचिव बनने के बाद से कांग्रेसी कार्यकर्त्ता उत्साहित महसूस कर रहे हैं.

राजद और हम ने रैली को लेकर कुछ सवाल खड़े किये हैं:

पर इसी बीच राज्य महागठबंधन के घटकों राजद और हम ने रैली को लेकर कुछ सवाल खड़े किये हैं, जो महागठबंधन में निकट भविष्य में शक्ति परिक्षण की ओर इशारा कर रहा है.

कांग्रेस की रैली पर राजद नेता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि तीन फरवरी को कांग्रेस की अपनी रैली है. हमलोग चाहते हैं कि महागठबंधन की रैली भी जल्द होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रैली में तो राजद को भी आमंत्रण मिला है और हमारे नेता तेजस्वी यादव भी रैली में शामिल होंगे।

वहीं, कांग्रेस की रैली पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने कहा है कि महागठबंधन की रैली होती तो ज्यादा अच्छा होता, जनता में बड़ा संदेश जाता लेकिन कांग्रेस ने पहले ही अपनी रैली कर ली. कांग्रेस ने पहले ही रैली का फैसला ले लिया था, सब मिलकर रैली करते तो इसका मैसेज देश में जाता.

वहीं राजद और हम के बयान से उत्पन्न अप्रिय स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कांग्रेस के नेता अखिलेश सिंह ने कहा कि पहले लोग कांग्रेस की रैली को देख लें. एक पार्टी की रैली तो संभल नहीं रही, महागठबंधन की रैली होती तो गांधी मैदान और पटना छोटा पड़ जाता.


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