शराबबंदी में अपनी भूमिका के लिए पुरस्कृत हुए गुप्तेश्वर पांडेय; बिहार के नए डीजीपी बने

बिहार पुलिस के सीनियर पुलिस अधिकारी आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय बिहार डीजीपी बनाये गए हैं. माना जा रहा है उन्हें बिहार में शराबबंदी मुहीम में महत्वपूर्व भूमिका निभाने के लिए पुरस्कृत किया गया है. ज्ञात हो कि शराबबंदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पेट प्रोजेक्ट में एक रहा है. गुप्तेश्वर पांडेय की छवि एक कड़क पुलिस अधिकारी की रही है. पुलिस अधिकारी के अलावा उनकी धार्मिक रूचि भी रही है और वे सोनपुर के हरिहर मंदिर के ट्रस्टी भी हैं.

नए गाइड लाइन के तहत हुई नियुक्ति:

बिहार के वर्तमान पुलिस महानिदेशक के एस द्विवेदी आज ही सेवानिवृत हुए हैं. डीजीपी की दौड़ में तीन नाम चल रहे थे. इस दौड़ में जो नाम सबसे आगे चल रहा था वो आरके मिश्रा का नाम था इस रेस में गुप्तेश्वर पांडे का नाम नहीं था लेकिन सरकार ने उनको पुलिस महकमे की कमान सौंप कर सबकौ चौंका दिया है.
इस बार बिहार के पुलिस मुखिया की नियुक्ति नए नियमों के तहत हुई. नए नियमों के तहत बिहार सरकार के पास सीमित अधिकार थे. बिहार कैडर से डीजी रैंक के 12 अफसरों के नाम यूपीएससी को भेजे गये थे. इन नामों पर विचार करते हुए पिछले दिनों 28 जनवरी को यूपीएससी की बैठक हुई.
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार, गृह सचिव आमिर सुबहानी और डीजीपी केएस द्विवेदी भी शामिल हुए थे. जिसके बाद यूपीएससी ने 3 नामों का चयन कर बिहार सरकार को भेज दिया था.
जानकारी के अनुसार कई सीनियर आईपीएस अधिकारी बिहार आने से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मना कर चुके हैं. जानकारी के मुताबिक मना करने वाले अधिकारियों में 1983 से लेकर के 1986 तक के कई अफसर हैं, जो अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बिहार से बाहर कार्यरत हैं. जिसके कारण डीजीपी की दौड़ में ज्यादातर अधिकारी अब 1986 बैच या उसके बाद के हैं. कुछ सीनियर अधिकारियों के नहीं होने की सूरत में आरके मिश्रा, अशोक कुमार वर्मा, दिनेश सिंह बिष्ट, सुनील कुमार रेस में शीर्ष पद के प्रबल दावेदार बने हुए थे.

सूत्रों के मुताबिक 3 नामों का पैनल सीलबंद लिफाफे में बिहार सरकार को हवाई जहाज के द्वारा यूपीएससी ने भेज दिया. फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुप्तेश्वर पांडेय के नाम पर मुहर लगा दी. सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार अब राज्य में जो भी डीजीपी बनेगा वह अगले 2 वर्षों तक इस पद पर काबिज रहेगा.

DGP बनाए जाने के बाद गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि काम में कोताही बरतने वाले पुलिस अधिकारी नपेंगे. उन्होंने कहा कि वे बिहार में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई टीम बनाएंगे. इस टीम में सारे सीनियर IPS अधिकारी रहेंगे.

कौन हैं गुप्तेश्वर पांडेय?
बिहार पुलिस अकादमी एवं बिहार सैन्य पुलिस के डीजीपी 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी है. गुप्तेश्वर पांडे का जन्म बक्सर जिले के छोटे से गांव गैरा में 1961 में हुआ था.  12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बाद गुप्तेश्वर पांडे ने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर की डिग्री हासिल की. 1986 में वे आईआरएस बने, पर संतुष्ट नहीं हुए तो दोबारा परीक्षा दी और आईपीएस बनकर बिहार में पदभार संभाला. 31 साल की सेवा में गुप्तेश्वर पांडे एएसपी, एसपी, एसएसपी के रूप में बिहार के 26 जिलों में काम कर चुके हैं.
उन्होंने 1993 में बेगूसराय और 1996 में बिहार के जहानाबाद में अपराध करने के लिए बड़ी कार्रवाई की.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.