अंतरिम बजट की बिंदुवार कुछ ख़ास बातें….

नयी दिल्ली: 1 फरबरी: आज वित्त मंत्रालय का अस्थायी जिम्मा संभाल रहे पियूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया, चूँकि लोक सभा चुनाव होने वाले हैं; ऐसे में जनरल बजट चुनाव के बाद नयी सरकार पेश करेगी. अंतरिम बजट की मुख्य बातें बिंदुवार कुछ इस तरह हैं:

टैक्स छूट की सीमा 2.5 से बढ़ाकर 5 लाख हुई. 5 लाख तक सालाना आमदनी पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा.

बैंक या पोस्ट ऑफिस से 40 हजार रुपये तक ब्याज आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि 2019-20 में वित्तीय घाटा जीडीपी के 3 फीसदी रहने का अनुमान है. अगले साल के खर्च का अनुमान 3.36 लाख करोड़ है.

उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की होगी और हम अगले 8 साल में इसे बढ़ाकर 8 ट्रिलियन डॉलर करना चाहते हैं.

वित्त मंत्री का दावा: 38 हजार फर्जी कंपनियों की पहचान कर खत्म किया गया. एक करोड़ लोगों ने नोटबंदी के बाद टैक्स भरा है, नोटबंदी से 1 लाख 36 हजार करोड़ का टैक्स मिला.


घर खरीदने वालों को भी जीएसटी दरों में राहत देने का मन सरकार ने बनाया है लेकिन जीएसटी कांउसिंल ही ये तय करेगी. जीएसटी में लगातार कमी से उपभोक्ताओं को 80 हजार करोड़ रुपये की राहत, दैनिक उपभोग की अधिकतर वस्तुएं पर अब महज 0% से 5% टैक्स.

टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या बढकर 6 करोड़ 85 लाख हुई. टैक्स कलेक्शन 12 लाख करोड़ रुपये हुआ है.

27 किलोमीटर हाइवे हर रोज़ बन रहा है, दुनिया मे सबसे ज़्यादा तेज़ सड़क निर्माण भारत में हो रहा है.

सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ पहली बार भारत में चलाई गई.सिक्किम हवाई अड्डा खुलने के बाद 100 से अधिक ऑपरेशनल हवाई अड्डे हो गए. घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 5 साल में दोगुनी हो गई.

हाई रिस्क एरिया में काम करने वाले सैनिकों के भत्तों को बढ़ाया गया. हमने रक्षा बजट बढ़ाकर तीन लाख करोड़ किया.
वित्त मंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना से 70 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिला है. इस योजना में 15 लाख करोड़ कर्ज दिये गये.
भारत दुनिया दूसरे नंबर का स्टार्टअप हब बना है. उज्ज्वला योजना के तहत देश में 8 करोड़ और गैस कनेक्शन दिए जाएंगे.

ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख हुई. श्रमिक की मौत पर अब 2.5 लाख रुपये की बजाय 6 लाख रुपये मुआवाजा दिया जाएगा. पीएम श्रमयोगी मानधन योदना को मंजूरी दी गयी है. 15 हजार रुपये प्रति महीना कमाने वालों को योजना का लाभ मिलेगा. मज़दूरों की काम के दौरान मौत होने पर 6 लाख मुआवजा मिलेगा. 15 हजार रुपये तक कमाने वाले 10 करोड़ श्रमिकों को योजना का लाभ मिलेगा. कम आमदनी वाले श्रमिकों को गारंटीड पेंशन सरकार देगी. 100 रुपये प्रति महीने के अंशदान पर 60 साल की आयु के बाद 3000 रुपये प्रति माह पेंशन की व्यवस्था की जाएगी.


गायों के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु योजना’ को मंजूरी, छोटे किसानों को 500 रुपये दिए जाएंगे.
पशुपालन और मछली पालन के लिए लोन के ब्याज में दो फीसदी की छूट दी जाएगी. पशुपालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से क़र्ज़ मिल सकेगा.

10 लाख लोगों का इलाज आयुष्मान भारत के तहत हुआ, लोगों को करीब 3000 करोड़ रुपये का लाभ मिला.

2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को छह हजार की नकद सहायता दी जाएगा. जो सीधे किसानों के खातों में जाएगा. 12 करोड़ किसानों को इससे फायदा मिलेगा. ये 6 हजार सालाना दिये जायेंगे. 2000 रुपये की 3 इंस्टालमेंट दी जाएंगी. दिसम्बर 2018 से लागू होगी योजना. योजना पर सालाना 75 हजार करोड़ रुपये का खर्च, केंद्र सरकार देगी पूरा पैसा.

देश में 21 एम्स काम कर रहे हैं. हरियाणा में 22वां एम्स बनेगा. 2014 के बाद 14 उम्स का फैसला हमारी सरकार ने किया. 115 जिले सबसे ज्या पिछड़े हैं जिनके विकास पर जोर दिया जा रहा है.

राज्यों को हमने 42 प्रतिशत शेयर दिया. वित्तीय घाटे को 6% से नीचे लाया गया हैं, वित्तीय घाटा अभी जीडीपी का 2.5% है. दुनिया में छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.


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