लोकसभा चुनाव 2019 : उजियारपुर में हैं भाजपा और राजद के बीच सीधी जंग के आसार

उजियारपुर में पहली बार लोकसभा चुनाव वर्ष 2009 में हुआ था. इस चुनाव में जदयू की अश्वमेघ देवी सांसद बनी थीं. उन्होंने राजद के आलोक मेहता को 25,274 मतों से पराजित किया था. वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के नित्यानंद राय ने जीत दर्ज की, उन्होंने राजद के आलोक मेहता को शिकस्त दी थी. चूंकि 2014 में भाजपा और जदयू अलग-अलग थे अत: उसका खामियाजा अश्वमेघ देवी को भुगतना पड़ा और वे इस चुनाव में नंबर तीन पर थीं. लेकिन इस बार गणित बदल चुका है.

छह विधानसभा सीटें हैं शामिल
उजियारपुर लोकसभा सीट अंतर्गत छह विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं – पातेपुर (राजद, प्रेमा चौधरी) उजियारपुर (दुर्गा प्रसाद सिंह, आरजेडी), मोरवा (वैद्यनाथ सहनी, जदयू), सरायरंजन (विजय कुमार चौधरी, जदयू) मोहिउद्दीननगर(अजय यादव, राजद) और विभूतिपुर ( रामबालक सिंह जदयू). विधानसभा सीटों पर डालें तो छह सीटों में से तीन पर राजद और तीन पर जदयू का कब्जा है. पातेपुर विधानसभा क्षेत्र वैशाली जिले में है, उसे भी इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत शामिल किया गया है.

उजियारपुर लोक सभा सीट बिहार के 40 सीटों में से एक है. यह सीट समस्तीपुर जिले के दो लोकसभा सीटों में से एक है. समस्तीपुर जिले में दो लोकसभा सीटें आती हैं- समस्तीपुर और उजियारपुर. समस्तीपुर सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है जबकि उजियारपुर सामान्य सीट है. वर्तमान में इस सीट से भाजपा के नित्यानंद राय सांसद हैं. 2002 में गठित भारत के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2008 में यह सीट अस्तित्व में आया है.

किसके खाते में जायेगा उजियारपुर
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और जदयू एक बार फिर साथ में हैं, ऐसे में यह अभी तक तय नहीं हो पाया कि कौन सी पार्टी कहां से चुनाव लड़ेगी. उजियारपुर अभी भाजपा के पास है, नित्यानंद राय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, तो बहुत कम ही संभावना है कि वे सीट छोड़ेंगे. इधर महागठबंधन में भी इस सीट को लेकर खींचतान होगी. राजद यहां मजबूत स्थिति में है, इसलिए वह यह यहां से चुनाव लड़ना चाहेगा, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा इसमें अड़ंगा लगाने की कोशिश कर सकते हैं. एनडीए के साथ भी वे उजियारपुर सीट लेना चाह रहे थे. ऐसे में उजियारपुर से कौन-कौन चुनावी मैदान में होंगे यह अभी भविष्य के गर्भ में ही है, लेकिन मुकाबला रोचक होगा इसमें कोई दो राय नहीं है. यहां के मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव में 14 लाख 28 हजार 445 थी, जिनमें पुरुषों की संख्या 4 लाख 33 हजार 926 थी तो वहीं महिलाओं की संख्या 4 लाख 24 हजार 994 थी.

उजियारपुर में जातीय समीकरण
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र में यादव और कुशवाहा ही हार-जीत का गणित सेट करते हैं. यहां कुशवाहा जाति की संख्या सर्वाधिक है. जदयू की अश्वमेघ देवी कुशवाहा जाति से हीआती हैं. वहीं राजद के मजबूत प्रत्याशी आलोक मेहता कुशवाहा जाति के बड़े चेहरे माने जाते हैं. वर्तमान सांसद नित्यानंद राय यादव जाति से हैं जो मजबूत स्थिति में हैं. नित्यानंद राय यादव जाति से आते हैं और उजियारपुर में कुशवाहा के बराबर यादव जाति का वोट है इसलिए उन्होंने स्वजातीय वोट को अपने पक्ष में मोड़ा और ब्राह्मणों के वोट को समेटकर जीत हासिल की.


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