पटना में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने पर सरकार का जोर

पटना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के 21 स्थानों पर सोलर पैनल लगाने की तैयारी चल रही है. इन सोलर पैनल के माध्यम से रोज 789 किलो वॉट पावर बिजली का उत्सर्जन होगा जो सरकारी कार्यालयों में बिजली उपयोग के काम में लाया जाएगा. इसके लिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से 3,10,64,473 रुपए की राशि तय की गई है. प्रोजेक्ट अधिकारियों की मानें तो राजधानी में सोलर एनर्जी पैनल लगाने के लिए बिहार रिन्यूवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) को जिम्मेदारी दी गई है. एजेंसी को अप्रैल 2019 प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है.

ग्रीन हाउस उत्सर्जन पर रोक

पटना में ग्रीन हाउस उत्सर्जन पर नियंत्रण के साथ ही घरों में इस्तेमाल होने वाली पानी-कोयले से तैयार बजली की खपत पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने सोलर एनर्जी पैनल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है. इसके लिए सरकार की तय एजेंसी ब्रेडा को शहर में 300 सरकारी और गैर सरकारी भवनों में सोलर एनर्जी पैनल लगाने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए सरकार की ओर से 55 करोड़ रुपए लागत निर्धारित है. पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इसी एजेंसी को उन 21 सरकारी भवनों में भी सोलर एनर्जी प्लान लगाने का काम सौंप दिया है जो नगर विकास विभाग के अंतर्गत पटना स्मार्ट सिटी एरिया में शामिल किया गया है. इससे पटना में फैल रहे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी.
मिलेगी पेसू के कर्ज से राहत

सरकारी कार्यालयों में सोलर एनर्जी पैनल को बढ़ावा देने के बाद उन सरकारी विभागों को राहत मिल जाएगी जो वर्षो से बिजली विभाग के करोड़ों रुपए एरियर बकायेदार के रूप में चल रहे हैं. पेसू द्वारा बार-बार नोटिस देने के बाद भी ये सरकारी विभाग करोड़ों रुपए बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में सरकारी विभागों में सोलर एनर्जी पैनल लगने से भविष्य में इन विभागों को पेसू के कर्ज से राहत मिल जाएगी.

सरकारी बिल्डिगों में स्मार्ट सिटी पटना के तहत सोलर एनर्जी पैनल लगाने का प्रोजेक्ट है. ब्रेडा को जिम्मेदारी दी गई है. बिजली कास्ट से राहत मिलेगी वहीं पर्यावरण संरक्षण में भी कारगर होगा.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.