नागमणि रालोसपा से निकाले गए; कहा: कुशवाहा समाज उपेंद्र कुशवाहा को सजा देगा

सीट बंटवारे को लेकर एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल होने वाले राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने अपने ही दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. ट्विटर पर पार्टी के अकाउंट से किये गये एक ट्विट में नागमणि को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद से मुक्त करने की बाबत एक पत्र ट्वीट किया गया है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से पद से मुक्त किया जाता है. इसके साथ ही, ट्विटर पर ट्वीट किये गये पत्र में नागमणि से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिसमें यह कहा गया है कि क्यों नहीं पार्टी से उनकी प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी जाए?


दरअसल, शुक्रवार की सुबह नागमणि और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम में साथ देखे गये. इस कार्यक्रम के बाद पार्टी ने उन पर दल विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
दूसरी ओर से मीडिया में रालोसपा कार्यकर्ताओं की ओर से लगाये जा रहे आरोपों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि एक ओर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा नीतीश सरकार पर आरोप लगा रहे थे कि उन्हें जान से मारने की कोशिश कर रही है. वहीं, पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार नागमणि उनके साथ पार्टी में शिरकत कर रहे हैं. इसके बाद ही पार्टी की ओर से नागमणि को पदमुक्त करने का फैसला किया गया.

नागमणि की तीखी प्रतिक्रिया:
नागमणि ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कुशवाहा समाज उपेंद्र कुशवाहा को सबक सिखाएगा. उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा दलालों के चक्कर में फंस गए हैं, उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा से अभी तक मेरी कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन अगर यह फैसला उनकी मर्जी से लिया गया है, तो मैं बिहार की जनता के सामने अपनी बातें भी रखूंगा.
उन्होंने पार्टी के महासचिव आनंद माधव का खुलेआम नाम लेते हुए कहा कि यह उसी का षड्यंत्र है. नागमणि ने कहा कि मैनें नीतीश कुमार के साथ किसी तरह का मंच साझा नहीं किया. बल्कि शहीद जगदेव बाबू जो उनके पिता हैं,उनके मूर्ति के अनावरण के दौरान नीतीश कुमार के साथ कार्यक्रम में मौजूद थे.नागमणि ने कहा कि 2 फरवरी को शहीद जगदेव बाबू जयंती के कार्यक्रम में चितकोहरा गोलंबर गया था. जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा माल्यार्पण कर पुष्पांजलि दी जाती है. वहां पर भी नागमणि सरकारी अतिथि के रुप में उपस्थित हुए थे. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा के लिए काम करता रहा हूं. लाठीचार्ज के दौरान मैं उनके साथ था और 4 फरवरी को बिहार बंद का निर्णय मेरा ही था.
बताते चलें कि बिहार के लेनिन कहे जाने वाले शहीद जगदेव प्रसाद के पुत्र नागमणि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं.


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