#MyCity: मेरा शहर भुबनेश्वर

Ruchira Banerjee

भुबनेश्वर जैसा कि आप जानते हैं भारत एक पूर्वी राज्य ओडिशा की राजधानी है. यहाँ लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं. कभी भुवनेश्वर आईये और यहाँ की सड़कों और गलियों में घूम कर देखिये, यहाँ के लोगों का सीधा सादा स्वभाव आपके दिल को छू जाएगा. हालाँकि मै एक बंगाली हूँ, पर भुबनेश्वर मेरा होम टाउन है.
मैं इस शहर में तीन बार आयी. सुनने में आश्चर्य लग सकता है, भला कैसे? मैं इस शहर से अपने लगाव की बात आपको बताती हूँ.

मेरा जन्म हावड़ा में 1982 में हुआ. मेरे जन्म के बाद मुझे मेरे नाना जी के घर ले जाय गया. जब मै छह महीने की थी, तो मेरे माता पिता मुझे अपने पास भुबनेश्वर ले आये, पहली बार. जब मैं दो साल की हुई, तो मुझे ये शहर छोड़ना पड़ा, अपने पिताजी के जॉब ट्रांसफर के चलते. पिता बैंकिंग सेक्टर में थे. फिर आठ साल की होने पर 1990 में दूसरी बार भुबनेश्वर लौटी. इस बार दो साल मैंने BJB English Medium School दो साल पढ़ाई की. दो साल मैंने ओड़िया भाषा भी सीखी. पर मुझे अफ़सोस होता है कि प्रैक्टिस की कमी के चलते मैं ओड़िया लिख या पढ़ नहीं पाती. पर मैं ओड़िया बोल सकती हूँ.

मेरे पिता को जॉब ट्रांसफर के चलते फिर 1992 में मुझे भुबनेश्वर छोड़ना पड़ा. इस बार ठिकाना था मुंबई. इस बार ओडिशा से दूरी लम्बे समय के लिए रही. फाइनली 2011 में मैं भुबनेश्वर लौटी. अब मैं इस शहर को अपना कह सकती थी. शहर ने मुझे, और मैंने शहर को ऐसे अपना लिया, जैसे मछली जल को स्वीकार कर लेती है. और क्या खूबसूरत बात हुई मेरे साथ !! मैं उसी स्कूल (BJB Eng Medium School) में टीचर हो गयी, जिस स्कूल में मैंने कभी पढ़ाई की थी. एक अजब फीलिंग होती है ये, जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं. पुरानी यादें मेरे मन में ऐसे उठ रही थीं, मानों समुद्री लहरों के थपेड़े बार बार तट को छू जाते हैं और उसे भिंगो जाते हैं. फिर जैसा कि कहते हैं कि एक ख़ुशी दूसरी ख़ुशी की वजह बनती है, हमारा इस शहर में अपना आशियाना हुआ, जब हमने अपना फ्लैट खरीदा. अब तक हम किराए के मकान में रहते आये थे. सिर पर अपना छत होने का एहसास बेहद खूबसूरत होता है.

इस शहर का नाम “त्रिभुवनेश्वर” से निकला है, जिसका अर्थ होता है, तीनो लोकों के स्वामी. यह भगवान शिव का ही दुसरा नाम है. शहर के पुराने हिस्से में स्थित विश्वप्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में इनकी मूर्ति स्थापित है. भुबनेश्वर मंदिरों की अधिकता के चलते मंदिरों के शहर के रूप में जाना जाता है. कुछ मंदिर जहाँ लोग बार बार जाना पसंद करते हैं, वे हैं- लिंगराज मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर, राजा रानी मंदिर, अनंत वासुदेव मंदिर, माघेश्वर मंदिर, परशुरामेश्वर मंदिर और ब्रह्मेश्वर मंदिर. 11 वी सदी में निर्मित राजा रानी मंदिर अपनी खूबूसरती में बेमिसाल है और इसकी स्थापत्यकला खजुराहो के मंदिरों से मिलती है. मंदिर की बाहरी दीवारों पर रति क्रिया में लीन जोड़ों की प्रतिमाएं उकेरी गयी हैं.

ओडिशा अपने क्लासिकल डांस ओडिशी और अपने समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है. 2011 में यहाँ बोली जाने वाली भाषा ओड़िया को भी क्लासिकल लैंग्वेज घोषित किया गया था. भुबनेश्वर में साल भर सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहते हैं, खासकर दिल को भाते हैं राजा रानी मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर के परिसर में ओडिशी डांस फेस्टिवल.

अगर आप भुबनेश्वर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं,तो फिर यहाँ घूमने लायक बहुत सारी जगहें हैं, जैसे स्टेट म्यूजियम, नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, नंदनकानन, इंदिरा पार्क, बौद्ध धर्म से जुडी गुफाएं जैसे खंडगिरि, उदयगिरि. धौली में शांति स्तूप भी है. धौली में पत्थरों पर खुदे कई अशोक के राजकीय आदेश भी हैं. प्राचीन ओडिशा बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, इन शिलालेखों, स्तूपों से हमें जानकारी मिलती है.

शिक्षा के लिहाज से भी भुबनेश्वर अच्छी जगह है. यहाँ कई बेहतरीन स्कूल और कॉलेज हैं और साथ में उत्कल यूनिवर्सिटी भी अपनी क्वालिटी के लिए जाना जाता है. यहाँ कई प्राइवेट इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज हैं, जिनमे सबसे प्रसिद्द कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस है.


भुबनेश्वर की जलवायु गर्म है. गर्मी में यहाँ बहुत गर्मी लगती है और साथ ही ह्यूमिड भी. लेकिन शाम होते होते हवा चलने लगती है और मौसम कुछ नरम पड़ने लगता है ऐसे में गर्मी से थोड़ी राहत मिलती है.
कह सकते हैं कि भुबनेश्वर का सबसे सुन्दर समय होता है, नवम्बर से फरबरी. यहाँ मॉनसून न बहुत ज्याडा बारिश लाती है, और न बहुत काम. बीच बीच में कह लें.

ओड़िया लोग अपने भोजन प्रेम के लिए भी जाने जाते हैं. यहाँ के कुछ जाने पहचाने ओड़िया cuisine जिनका लुत्फ़ हर आने वाले को लेना चाहिए, वो हैं- दालमा, मोहोरो, बैशोरो, शकारो, दही पखालो बोदी चूड़ा के साथ आदि. अगर किसी को मीठा पसंद है, तो फिर उनके लिए छेना पोडो ,झिली, छेना मुरकी और राशाबोली हैं.
मेरा शहर भुबनेश्वर बेहद खूबसूरत है. मुझे अपने शहर से प्यार है.

Ruchira Banerjee is a resident of Bhubneshwar. She is a writer. 


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