साहेब’ के गुनाहों की सजा मिल रही हिना शहाब को, सीवान लोकसभा क्षेत्र से 10 बार सांसद रहे हैं मुस्लिम उम्मीदवार

सीवान लोकसभा क्षेत्र के चुनाव और परिणाम पर सबकी नजर रहती है. यह क्षेत्र कभी देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के कारण जाना जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में यह क्षेत्र बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन के कारण जाना जाता है. शहाबुद्दीन यहां से चार बार सांसद रहे और उनकी तूती इस इलाके में बोलती रही है. फिलहाल बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन जेल में है और सजा होने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, ऐसे में इसके उनकी राजनीतिक विरासत उनकी पत्नी हिना शहाब संभाल रही हैं. हिना शहाब 2009 और 2014 में सीवान सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन उन्हें भाजपा के ओम प्रकाश यादव से हार मिली है. शहाबुद्दीन को सजा होने के बाद राजद ने हिना शहाब पर अपना भरोसा जताया और 2009 और 2014 दोनों चुनावों में उन्हें टिकट दिया, यह बात अलग है कि हिना जीत दर्ज नहीं कर पायी.

क्या है इतिहास
सीवान सीट के पहले सांसद झूलन सिंह 1957 में चुने गये थे जो कांग्रेस पार्टी के थे. उनके बाद 1962, 1967 और 1971 में कांग्रेस के मोहम्मद युनूस ने चुनाव जीता. 1977 में लोकदल के प्रत्याशी मृत्युजंय प्रसाद यादव यहां से चुनाव जीते. 1980 में मोहम्मद युनूस फिर एक बार यहां के सांसद बने. 1996 से 2004 तक मोहम्मद शहाबुद्दीन यहां से सांसद रहे. वे चार लोकसभा चुनाव में जीते और उनका खौफ पूरे इलाके में था. 2009 में जब उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा तो निर्दलीय प्रत्याशी ओम प्रकाश यादव और 2014 में भाजपा की टिकट पर ओम प्रकाश यादव चुनाव जीते. हिना शहाब पिछले दोनों चुनाव में राजद की टिकट पर लड़ीं, लेकिन वो जीत दर्ज नहीं कर सकीं.

2019 में क्या हैं संभावनाएं
हालांकि अभी ना तो एनडीए और ना ही महागठबंधन ने अपने पत्ते खोले हैं, लेकिन ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि राजद एक बार फिर हिना शहाब को यहां से टिकट देगा. वहीं भाजपा की ओर से भी ओम प्रकाश यादव ही उम्मीदवार होंगे, ऐसी संभावना है. हालांकि कई घोटालों के आरोप लगने के बाद ऐसी आशंका है कि उनका टिकट कट सकता है. चूंकि इस इलाके में ‘माय’ समीकरण बहुत मजबूत स्थिति में है, इसलिए राजद हिना को किनारे नहीं करेगा. लेकिन उनकी जीत की संभावना कितनी है, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा. पिछले चुनाव पर अगर नजर डालें तो ओम प्रकाश यादव और हिना के बीच जीत का अंतर बहुत ज्यादा था. ओमप्रकाश को जहां 372,670 वोट मिले थे, वहीं हिना को 258,823 वोट मिला था. पिछले चुनाव में जदयू का उम्मीदवार चौथे नंबर पर था और उसके हिस्से आठ प्रतिशत वोट था, जो इस बार भाजपा उम्मीदवार के खाते में जायेगा. ऐसे में हिना शहाब की डगर मुश्किल ही नजर आ रही है.

दस बार मुस्लिम प्रत्याशी बने सांसद
सीवान एक ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां से दस बार मुसलमान प्रत्याशी सांसद रहे हैं. यहां कुल 15 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं. कहने का आशय यह है कि यहां मुस्लिम मतदाता उलट-फेर की क्षमता रखते हैं. लेकिन बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन की आपराधिक छवि ने हिना शहाब का नुकसान किया है.

विधानसभा सीटों का क्या है समीकरण
सीवान संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत छह विधानसभा सीटें आती हैं- सीवान, जीरादेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंदा और बरहड़िया. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 6 में तीन सीटों पर जेडीयू के उम्मीदवार जीते. जबकि एक-एक सीट बीजेपी-आरजेडी और सीपीआई(ML)(L) के खाते में गईं. इस दृष्टिकोण से भी एनडीए यहां मजबूत स्थिति में नजर आता है.

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