बिहार में 66 प्रतिशत पंहुचा खसरा और रुबैला टीकाकारण अभियान

  • पटना में 16 लाख बच्चों को लगाया गया एम.आर का टीका, फ़रवरी के अंत तक चलेगा अभियान
  • स्कूलों के बाद आंगनवाड़ी, आउटरीचएरियादूर दराज़ के क्षेत्रों मेंशुरूकिया गयाटीकाकरण

पटना 20 फरवरी, 2019: 15 जनवरी 2019 से शुरू हुए खसरा- रुबैलाटीकाकरणअभियान के तहत अब अधिकांश जिलों में स्कूलोंमें टीकाकरण के बाद दूर दराज़ के क्षेत्रों में शुरूकिया गया. पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार इस अभियान में विद्यालयों के बाद दूर दराज के क्षेत्रों,ईट भट्टओं, और अन्य स्थलों पर किया जायेगा. अब तक बिहार के  66 प्रतिशत लक्षित बच्चों का प्रतिरक्षण किया जा चूका है.  बिहार में लक्षित बच्चों के हिसाब से भारत में उत्तरप्रदेश के बाद बिहार दूसरा सबसे बड़ा राज्य है जहाँ4 करोड़ बच्चों को यह टीका लगाया जा रहा है.

राज्य में एमआर टीकाकरणअभियान के बारे में बताते हुए बिहार के राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एन के सिन्हा ने कहा कि  हमारी अब तक की प्रगति संतोषजनक है. हमने बुधवार और शुक्रवार के नियमित टीकाकरण को जारी रखते हुए हम 66 प्रतिशत के लक्ष्य पर पहुंचे है.  मुझे आशा है कि है हम तय समय सीमा के अन्दर ही लक्षित100प्रतिशत बच्चों को मीजल्स और रुबैला का टीकाकरण कर इन संक्रामक बिमारियों से सुरक्षित कर पाएंगे.

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, पटनाडॉ एसपी विनायक ने कहा कि इस अभियान में पटना जिले मेंअब तक 16 लाख से ज्यादा बच्चों  को टीका लगाया जा चूका है. अभी भी  लगभग 4 लाख बच्चे बचे हैं जिनका टीकाकरण होना है. पटना में बड़े स्कूलों में सेंट करेंस और त्रिभुवन में परीक्षा के कारण टीकाकरण नहीं हो पाया है. इन विद्यालयों में परीक्षा के बाद एक विशेष दिन टीकाकरण करवाया जायेगा. हम स्कूल में टीकाकरण समाप्त करने की ओर है आने वाले 2 हफ़्तों में सुदुर क्षेत्रों में टीकाकरण करवाया जायेगा.

 

यूनिसेफ बिहार कीसंचार विशेषज्ञसुश्री निपुण गुप्ताने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में अपने बच्चों के टीकाकरण की तस्वीर/ कहानियां सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं जिससे इसमें सकारात्मक माहौल बनेगा । किसी प्रकार की अफवाह या गलत जानकारी को साझा नहीं करें.

 

यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ हुबे अली ने कहा कि ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के अनुसारखसरा होने वाले 10 बच्चों में से 1 की मौत हो जाती हैं। रूबैला का ज्यादा प्रभाव गर्भवती महिलाओं में होता है। खसरा और रूबैला का कोई इलाज नहीं है केवल टीकाकरण ही इसका बचाव है.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.