क्या मांझी एक बार फिर पलटी मारने की तैयारी में हैं? उनके बयान संभावनाओं से भरे दिख रहे हैं

क्या जीतनराम मांझी एक बार फिर पलटी मारने की तैयारी में हैं? ये सवाल बिहार में राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. लोकसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, पर एनडीए के विपरीत महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अंतिम राय नहीं बन पायी है. एक तरफ कांग्रेस अपने पत्ते नहीं खोल रही है. राहुल गाँधी की रैली के बाद ये भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस की आकांक्षा बढ़ गयी है और अगर संतोषजनक सीट कांग्रेस को नहीं मिली, तो कांग्रेस बिहार में पुरे 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर सकती है.
वहीँ जीतनराम मांझी भी जिद पर अड़े हुए हैं. उनकी जिद है कि उन्हें उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा से एक सीट अधिक मिलनी चाहिए. चर्चा है कि रालोसपा को चार सीटें दी जाएंगी। ऐसे में जीतनराम मांझी हम के लिए पांच सीट पर अड़े हुए हैं. पर 2015 के विधानसभा चुनाव में हम के दयनीय प्रदर्शन के मद्देनज़र महागठबंधन उनकी मांग मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है. बताते चले कि 2015 के विधानसभा चुनाव में हम 21 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सिर्फ एक सीट पर हम को सफलता मिली थी. इमामगंज विधान सभा सीट पर जीतन राम मांझी ने जदयू उम्मीदवार उदय नारायण चौधरी को हराया था, हालाँकि वे खुद मखदुमपुर विधान सभा सीट पर राजद उम्मीदवार सूबेदार दास से हार गए थे.
ऐसे में जीतनराम मांझी की ताजा बयानबाज़ी महागठबंधन के लिए चिंता का सबब है. खासकर जब हाल के दिनों में जदयू और भाजपा दोनों ने मांझी को एनडीए में निमंत्रण दिया है.

हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (हम) के मुखिया जीतन राम मांझी ने शनिवार को रांची में कहा कि बिहार में प्रस्तावित महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर हम लोग चिंतित हैं क्योंकि महागठबंधन के सभी घटकों को चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारने के लिए सम्मानजनक सीटें मिलनी चाहिए. न्यायिक हिरासत में यहां रिम्स में अपनी बीमारियों का इलाज करा रहे राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद से मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब हम के अध्यक्ष माझी ने यह बात कही.
जीतन राम मांझी ने कहा, ‘लालू यादव ने महागठबंधन के सभी घटक दलों से मिल-बैठकर सीटों के तालमेल पर बातचीत करने को कहा है.’यह पूछे जाने पर कि क्या सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन में कोई तकरार है, मांझी ने कहा कि महागठबंधन के सदस्यों में कोई भी विवाद नहीं है, लेकिन सभी के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लालू स्वयं राजद, कांग्रेस, हम तथा अन्य छोटे दलों के बीच चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर शीघ्र बैठक किये जाने के पक्षधर हैं.

इस बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मीडिया में आ रही तरह तरह की खबरों का माझी ने खंडन किया और कहा कि अभी कोई फार्मूला तय ही नहीं हुआ है तो सीटें कैसे तय हो जायेंगी? मांझी ने कहा, ‘यदि हम मिलकर लड़ेंगे तो हम निश्चित तौर पर राजग को परास्तकरेंगे लेकिन यदि हम अलग अलग लड़े तो राजग नहीं हारेगा और यह देश के लिए बड़ा नुकसान होगा.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.