जिलों में कार्यरत सभी नर्सिंग संस्थानों के जाँच के आदेश

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सभी जिले के सिविल सर्जन को उनके जिले में कार्यरत सभी नर्सिंग संस्थानों का निरिक्षण कर विभाग को प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया है. यह आदेश बुद्धा स्कूल ऑफ़ नर्सिंग, नवादा के औचक निरीक्षण दल के रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने आज पटना में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है.

क्या है पूरा मामला : स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में यह बताया गया है कि विगत 14 मार्च 2019 को बुद्धा स्कूल ऑफ़ नर्सिंग, नवादा का औचक निरीक्षण दल के माध्यम से जाँच कराया गया था. जाँच के दौरान पाया गया कि संस्थान कार्यरत नहीं है एवं प्रथमदृष्टया स्पष्ट है कि यह संसथान केवल कागजों पर ही चलाया जा रहा है.

संस्थान के संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होगी:जाँच रिपोर्ट प्राप्त होते ही स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने इसको गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया.बुद्धा स्कूल ऑफ़ नर्सिंग, नवादा के संचालक मान्यता रद्द करने के सम्बन्ध में कारण पृच्छा का आदेश दिया गया है साथ ही क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट के तहत संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु नवादा के सिविल सर्जन को निदेशित किया है.

बिहार नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कौंसिल से मांगी गई सुचना:स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले पर आगे करवाई हेतु इस संस्थान से संबंधित वर्षवार नामांकन तथा पास किये छात्र/छात्राओं के संबंध बिहार नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कौंसिल सेसूचना मांगी है. प्राप्त सुचना के आधार पर इस मामले में स्वास्थ्य विभाग आगे करवाई करेगी.

विभाग ने औचक निरक्षण दल का किया गठन:इस क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने औचक निरीक्षण दल का गठन किया है जो समय समय पर सभी नर्सिंग संस्थानों का निरीक्षण कर विभाग को प्रतिवेदन समर्पित करेगा. सभी सिविल सर्जन को भी निदेशित किया गया है किवह अपने जिले में कार्यरत नर्सिंग संस्थानों की जाँच कर एक सुस्पष्ट प्रतिवेदन स्वास्थ्य विभाग को दो महीने के अन्दर समर्पित करे.

बिहार में नर्सिंग संस्थानों की स्थिति:इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अनुसार बिहार में 110 ए.एन.एम. एवं 23 जी.एन.एम. नर्सिंग शिक्षण संस्थान है. इसके साथ ही 9 ऐसे संस्थान हैं जहाँ नर्सिंग में स्नातक की पढाई होती है जबकि नर्सिंग में स्नातोकोतर की पढाई के लिए बिहार से बाहर का रुख करना पड़ता है.

उम्मीद है कि यह महत्वपूर्ण कदम राज्य में कार्यरत नर्सिंग संस्थानों को इंडियन नर्सिंग कौंसिल के मानक के अनुरूप संचालित करने की प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायक साबित होगी और बिहार में नर्सिंग के पढाई में भी गुणवतापूर्ण सुधार होगी.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.