लोकसभा चुनाव : झारखंड में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी तय नहीं

रांची : झारखंड में लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया कल दो अप्रैल से शुरू हो गयी है, लेकिन अब तक दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट नहीं बनायी है. भाजपा ने जहां अभी तक रांची, चतरा और कोडरमा सीट पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, वही कांग्रेस ने चतरा और लोहरदगा सीट पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है. पलामू, चतरा और लोहरदगा में 29 अप्रैल को मतदान होना है, लेकिन प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से कयासों का दौर जारी है.

रांची लोकसभा क्षेत्र में मतदान छह मई को होना है, लेकिन अभी तक भाजपा की ओर से प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गयी है. वर्तमान सांसद रामटहल चौधरी का टिकट काट दिया गया है, इस बात की जानकारी तो सबको है, लेकिन रांची से प्रत्याशी कौन होगा यह अभी तक तय नहीं हो पाया है. हालांकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से तो खैर पार्टी प्रत्याशी तय हैं और इस बार भी कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत को टिकट देने का फैसला लिया है.

रांची से टिकट किसे दिया जाये यह भाजपा के लिए बड़ा सवाल है, क्योंकि राम टहल चौधरी रांची सीट पर अपनी पकड़ रखते हैं या यूं कहें कि उनके पास कुरमी वोटबैंक काफी मजबूत है, तो बेहतर होगा. टिकट काटे जाने से वे नाराज चल रहे हैं, पार्टी ने उनका टिकट 75 वर्ष से अधिक हो जाने को लेकर काटा है. रामटहल पार्टी के निर्णय से नाखुश हैं और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं. ऐसे में टिकट किसे दिया जाये यह भाजपा के लिए बड़ा सवाल है. किसी पत्रकार को टिकट दिये जाने की चर्चा भी सुनी गयी है, लेकिन अभी तक नाम तय नहीं हुआ है. आदित्य साहू और नवीन जायसवाल भी रेस में हैं.

झारखंड में लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है, कांग्रेस, झामुमो, झाविमो और राजद मिलकर 14 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस सात सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इन सात सीटों में से रांची, खूंटी, चाईबासा,धनबाद, हजारीबाग, पलामू और लोहरदगा संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है. लेकिन चतरा सीट को लेकर राजद नाराज हो गया है.

चतरा सीट को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच विवाद है. राजद इस सीट की मांग कर रहा था और यहां तक कह चुका है कि अगर यह सीट नहीं मिली तो वह सभी 14 सीटों पर चुनाव लड़ेगा. अन्नपूर्णा देवी के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

वहीं पिछला चुनाव आप की टिकट पर लड़ने वाली दयामनी बारला खूंटी सीट से टिकट चाहती हैं,लेकिन पार्टी प्रदीप बलमुचु को यहां से उतारना चाहती है, ताकि वह खूंटी सीट भाजपा से छीन सके. हालांकि इस बार यहां से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा प्रत्याशी हैं, कड़िया मुंडा का टिकट काट दिया गया है. पिछले दो दिनों से यह कहा जा रहा है कि पार्टियां प्रत्याशियों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देगी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया है.

कहने का आशय यह है कि अभी तक इन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं किये जाने से प्रदेश में राजनीतिक माहौल स्पष्ट नहीं है और पार्टियां असमंजस की स्थिति में है. प्रत्याशी और कार्यकर्ता प्रचार में जोर भी नहीं लगा पा रहे हैं.


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