लालू के कुनबे में बिखराव; तेजप्रताप ने राजद छोड़कर जयप्रकाश जनता दल का दामन थामा

पटना: लोक सभा चुनाव के पहले अप्रत्याशित रूप से लालू यादव का कुनबा बिखर गया. उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने उम्मीदवारों के चयन के मुद्दे पर अपनी आवाज को अनसुनी करने के आरोप में नाराज़गी दिखाते हुए, न केवल एक अलग मोर्चा ‘लालू-राबड़ी मोर्चा’ खड़ा कर दिया, बल्कि दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की भी घोषणा कर दी. लेकिन इस मोर्चे को मौजूदा चुनाव में सिंबल न मिलने की वजह से तेजप्रताप ने जय प्रकाश जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज सहाय से बात की. जिसके बाद को पंकजसहाय ने  तेजप्रताप यादव से उनके आवास पर मुलाक़ात की. अब तेज प्रताप यादव लालटेन नहीं, बल्कि डीजल पंप के पक्ष में वोट मांगते नज़र आयेंगे.

तेजप्रताप यादव ने आरजेडी के लोकसभा उम्मीदवारों की घोषणा होने के पहले ही जहानाबाद और शिवहर सीट पर अपनी तरफ से दो उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया था. लेकिन पार्टी की आधिकारिक सूची में अपने उम्मीदवारों का नाम नहीं देखने के बाद तेजप्रताप भड़क गए थे.

ज्ञात हो कि जयप्रकाश जनता दल का गठन 2002 में जनता दल यूनाइटेड के चार विधायकों – लक्ष्मी नारायण यादव, जयनंदन यादव, विश्वनाथ सिंह और शशी कुमार राय ने मिलकर किया था. इन लोगों ने राबड़ी देवी सरकार का समर्थन किया था. इस पार्टी के अध्यक्ष जय नारायण प्रसाद निषाद रह चुके हैं. फिलहाल इस पार्टी के अध्यक्ष पंकज सहाय हैं.

 

तेज प्रताप ने ट्वीट कर किया खंडन

हालाँकि मीडिया में तस्वीर और खबर आने के बाद तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर खबर का खंडन किया है. उन्होंने लिखा है कि ‘मीडिया और सोशल मीडिया पे चल रही खबर कि मैंने नयी राजनैतिक पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है. ये एक अफवाह है. मैं इस खबर का पूर्ण रूप से खंडन करता हूं. मेरी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल है, थी और रहेगी.’


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.