हत्या की बड़ी वजहों में शामिल है प्रेम प्रसंग, उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष होती है 395 हत्या, जानें बिहार-झारखंड की स्थिति

नयी दिल्ली : प्रेम भले ही इंसानी भावनाओं की कोमल अभिव्यक्ति है, लेकिन NCRB की मानें तो भारत में हत्या की तीन बड़ी वजहों में प्रेम शामिल है. एनसीआरबी के हालिया डाटा के अनुसार देश में हत्या के मामलों में कमी आयी है, लेकिन प्रेम प्रसंग के कारण हत्या के मामलों में 28 प्रतिशत की वृद्धि हो रही हैं. आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2017 के बीच प्रेम संबंध के कारण हत्या के मामले तेजी से बढ़े हैं.
आंकड़ों के अनुसार 2015 में प्रेम संबंध के कारण हत्या के 1,379 मामले दर्ज हुए, 2016 में 1,493 और 2017 में 1,390 मामले दर्ज हुए. प्रेम संबंध के कारण सबसे ज्यादा हत्या 2001 से 2017 के बीच आंध्रप्रदेश में हुई. यहां कुल 384 लोगों की हत्या प्रेम संबंध के कारण हुई. दूसरा नंबर महाराष्ट्र का है जहां इस अवधि में 277 लोगों की हत्या हुई.फिर गुजरात जहां 158 लोगों की हत्या हुई और चौथे नंबर पर पंजाब है जहां 98 लोगों की हत्या की गयी.

वहीं अगर वार्षिक दर देखें, तो उत्तर प्रदेश प्रेम प्रसंग के कारण हत्या के मामले में टाॅप पर है , जहां प्रतिवर्ष 395 लोगों की हत्या प्रेम संबंध के कारण हुई. दूसरा स्थान तमिलनाडु का है जहां 277 संबंध शामिल है. प्रेम संबंध के कारण सबसे कम हत्या बंगाल और केरल जैसे राज्यों में हुई. वर्ष 2001 से 2017 तक में बंगाल में प्रेम संबंध के कारण 29 हत्याएं हुईं जबकि केरल में प्रेम संबंध के कारण छह हत्या हुई. इन दोनों ही राज्यों में प्रेम संबंध हत्या के प्रमुख पांच कारणों में सबसे निचले पायदान पर है.

जबकि बिहार, झारखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम जैसे राज्यों में प्रेम प्रसंग हत्या के तीन बड़े कारणों में से एक है. दिल्ली और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में भी प्रेम प्रसंग हत्या के प्रमुख कारणों में शामिल है.


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