कोरोना वाॅरियर्स को है प्रशिक्षण की जरूरत ताकि इस प्राकृतिक आपदा से हो बचाव

Nakul Tarun

प्राकृतिक आपदाओं को इंसान रोक नहीं सकता, इसलिए इससे बचाव का रास्ता निकालना ही मनुष्य जाति के बस में है. प्राकृतिक आपदाओं का अगर सही तरह से प्रबंधन ना किया जाये, तो वे समस्त मानव जाति के लिए खतरनाक साबित होता है. बात अगर वर्तमान की करें तो मानव जाति आज वैश्विक महामारी की चपेट में है. कोरोना महामारी से आज विश्व की 70 लाख से अधिक आबादी प्रभावित है और संकट यह है कि इस प्राकृतिक आपदा का कोई समाधान अबतक विश्व को नहीं मिला है. अब तक कोई वैक्सीन या दवा नहीं बन पायी है जो कोरोना वायरस पर लगाम कसे. हालांकि कुछ कंपनियों ने दवा बनाने का दावा किया है, लेकिन अभी उनकी प्रमाणिकता सवालों के घेरे में है. ऐसे में इस प्राकृतिक आपदा का प्रबंधन ही सबसे बेहतर विकल्प जान पड़ता है.

भारत में चार लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. यही कारण है कि सरकार ने डिजास्टर मैनेमेंट एक्ट 2005 के तहत कई बचाव के उपाय किये और अभी भी देश में डिजास्टर मैनेमेंट एक्ट के तहत कई उपाय किये जा रहे हैं. नेशनल डिजास्टर मैनेजेंट ऑथोरिटी का प्रयास है कि वे एक ऐसे भारत का निर्माण करे जो प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित हो. इसके ऑथोरिटी कई तरह के प्रयास करता है, जिसमें कई प्रयास आपदा से पहले और कई उसके बाद किये जाते हैं. इसमें तकनीक का सहारा भी लिया जाता है. प्राकृतिक आपदा से निपटबने के लिए मेडिकल तैयारी के साथ, साइको-सोशल सपोर्ट, कम्युनिटी बेस्ड डिजास्टर मैनेजमेंट, इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम, मिनिमम स्टैंडर्ड ऑफ रिलीफ एंड इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिये प्राकृतिक आपदाओं को नियंत्रित किया जाता है. प्राकृतिक और मनुष्यजनित आपदाओं से निपटने के लिए ऑथोरिटी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी लगातार प्रयास कर रहा है.
आज जबकि पूरा देश कोरोना वायरस की गिरफ्त में है, कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है. कोरोना वायरस से जंग में हमारे पिछड़ने के कई कारण हैं, जिनमें से प्रमुख हैं-

1. कोरोना वायरस के जंग में जो लोग शामिल हैं वे कोविड-19 से लड़ाई के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं. यही कारण है कि प्रथम पंक्ति के कोरोना वाॅरियर्स भी डेंजर जोन में हैं.
2. राष्ट्रीय प्रवासी सूचना व्यवस्था भी सही तरीके से काम नहीं कर रही है, इससे संबंधित एप को अपडेट करने की जरूरत है, ताकि सभी को सही सूचना मिले. प्रवासी मजदूरों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, कई मजदूर तो इसके बारे में जानते भी नहीं थे, जिसके कारण रजिस्ट्रेशन में उन्हें काफी परेशानी हुई.
अभी जबकि पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है यह जरूरी है कि कोरोना वाॅरियर्स को सही प्रशिक्षण दिया जाये, ताकि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से हमारा बचाव हो. इसके लिए ट्रेंड डिजास्टर मैनेजर से संपर्क की जरूरत है.

नकुल तरुण,डिजास्टर मैनेजर
संपर्क-9999995582


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