बॉलीवुड फिल्मों की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन

बॉलीवुड फिल्मों की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन हो गया है. वे 72 साल की थीं. 20 जून को सांस लेने में शिकायत के बाद उन्हें मुंबई के गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां गुरुवार देर रात 1.52 बजे ह्रदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई. उन्होंने श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित सहित बॉलीवुड के कई कलाकारों को डांस सिखाया। शुक्रवार को मलाड के मालवाणी कब्रिस्तान में उनका पार्थिक शरीर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

 

 

1948 में बॉम्बे में जन्मी सरोज खान का असली नाम निर्मला नागपाल था. सरोज के पिता का नाम किशनचंद सद्धू सिंह और मां का नाम नोनी सद्धू सिंह था. विभाजन के बाद सरोज खान का परिवार पाकिस्तान से भारत आ गया था. सरोज ने महज तीन साल की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. उनकी पहली फिल्म नजराना थी जिसमें उन्होंने श्यामा नाम की बच्ची का किरदार निभाया था. 50 के दशक में सरोज खान ने बतौर बैकग्राउंड डांसर काम करना शुरू किया. उन्होंने कोरियोग्राफर बी.सोहनलाल से ट्रेनिंग ली. 1974 में रिलीज हुई फिल्म “गीता मेरा नाम” से सरोज खान बतौर स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में उभरीं, हालाँकि सफलता के लिए उन्हें लम्बा इन्तजार करना पड़ा, जो उन्हें श्रीदेवी के साथ काम करने पर मिला. सफलता का ये सिलसिला माधुरी दीक्षित के साथ काम करने के दौरान भी जारी रहा. सरोज खान की मुख्य फिल्मों में मिस्टर इंडिया, नगीना, चांदनी, तेजाब, थानेदार और बेटा हैं. उन्होंने टीवी पर भी कई रियलिटी डांस शोज जैसे झलक दिखला जा, नच बलिये, नच व विथ सरोज खान आदि में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की.

 

 

सरोज खान के नाम सबसे अधिक बार कोरियोग्राफी के लिए फिल्म फेयर अवार्ड जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है:
2008 – गुरु
2003 – देवदास
2000 – हम दिल दे चुके सनम
1994 – खलनायक
1993 – बेटा
1991 – सैलाब
1990 – चालबाज़
1989 – तेज़ाब

इसके अलावा उन्हें सबसे अधिक- 3 बार कोरियोग्राफी के लिए नेशनल अवार्ड हासिल करने का भी रूतबा हासिल है:
2008: जब वी मेट
2006: श्रृंगारम
2003: देवदास

अप्रैल 2018 में उनका नाम बड़े विवाद में आया, जब उन्होंने बॉलीवुड में कास्टिंग काउच के प्रैक्टिस को डिफेंड किया ये कहते हुए कि बॉलीवुड लड़कियों को काम देता है, उन्हें रेप करके छोड़ नहीं देता. तीखी आलोचना होने के बाद उन्होंने अपने इस वक्तव्य के लिए माफ़ी मांगी थी.

 

सरोज खान ने मास्टर बी. सोहनलाल से शादी की थी. शादी के वक्त सरोज की उम्र 13 साल थी. इस्लाम धर्म अपना कर उन्होंने 43 साल के बी. सोहनलाल से शादी की. सोहनलाल की ये दूसरी शादी थी। पहली शादी से उनके चार बच्चे थे. सरोज खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘मैं उन दिनों स्कूल में पढ़ती थी तभी एक दिन मेरे डांस मास्टर सोहनलाल ने गले में काला धागा बांध दिया था और मेरे शादी हो गई थी.’ सरोज खान ने बताया था कि ‘मैंने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपनाया था. उस वक्त मुझसे कई लोगों ने पूछा कि मुझ पर कोई दबाव तो नहीं है लेकिन ऐसा नहीं था.”
1963 में सरोज खान के बेटे राजू खान का जन्म हुआ.1965 में सरोज ने दूसरे बच्चे को जन्म दिया लेकिन 8 महीने बाद ही मौत हो गई. बच्चों के जन्म के बाद सोहनलाल ने उन्हें अपना नाम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच दूरियां आ गईं. सरोज खान के तीन बच्चे हैं.


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