विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा; चुनाव को लेकर पूछे ये सवाल

बिहार में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से पूछा है कि आगामी अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव आयोजित किए जाते हैं तो वे वोटिंग के दौरान वोटरों के बीच दो गज की दूरी कैसे बनाएंगे। इन दलों ने यह भी पूछा है कि महमारी के बीच वर्चुअल रैली के लिए किस तरह सिस्टम बनेगा और ऐसे राज्य में जहां बड़ी आबादी के पास स्मार्ट फोन नहीं है, वहां तक राजनीतिक दल किस तरह प्रचार करेंगे। आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट, सहित बिहार विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने इन्हीं सवालों के साथ शुक्रवार को चुनाव आयाेग ने ज्ञापन सौंपा। विपक्षी दलों की मंशा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए विधानसभा चुनाव को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए। सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा दोनों तय समय पर चुनाव चाह रहे हैं। हालांकि एनडीए गठबंधन की तीसरे साथी चिराग पासवान जरूर चुनाव टालने के पक्ष में हैं। विपक्षी दलों ने आयोग को सौंपे ज्ञापन में हालात की समीक्षा कर उन्हें संतुष्ट करने को कहा कि बीमारी के बीच वे किस तरह कदम उठाएंगे।

वैसे इन दलों ने अपने पत्र में इस बात का जिक्र नहीं किया कि वे चुनाव को टालना चाहते हैं लेकिन तमाम सवाल इस ओर इशारा कर रहे हैं कि मौजूदा हालात में चुनाव संभव नहीं है। मालूम हो कि एक दिन पहले ही चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की एक बड़ी मांग मानते हुए 65 साल ऊपर के वोटर को पोस्टल बैलेट की सुविधा देने के अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया था। अब वह पुरानी परंपरा की तरह 80 साल के ऊपर के वोटर को ही मिलेगी सुविधा।

बिहार में बढ़ते कोरोना मामले को देखते हुए चुनाव आयोग की नजर है। आयोग के अनुसार, वे लगातार पटना में अधिकारियों से संपर्क में हैं। आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि जब भी चुनाव के डेट की घोषणा होगी, उससे पहले स्थिति की हर स्तर पर समीक्षा की जाएगी। मालूम हो कि राज्य में टेस्ट बढ़ने के साथ मरीजों की तादाद में वृद्धि हुई और पिछले सात दिनों से हर दिन मरीजों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है।


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