प्रकृति के निराले जीव: धामिन सांप, जिसे ‘घोड़ा पछाड़’ सांप भी कहते हैं…

Er S D Ojha
हाँ, बाबू मैं धामन साँप हूँ ।
जी मुझे हीं धामन कहते हैं । मैं तेज गति से भी दौड़ता हूँ । इसलिए कुछ लोग मुझे घोड़ा पछाड़ भी कहते हैं । वैसे घोड़े महाशय से मेरी कभी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं हुई कि मैं दावे के साथ कह सकूँ कि मैंने उनको पछाड़ दिया है । मेरे बारे में कई भ्रांतियाँ भी जन जन में व्याप्त है । मसलन लोग कहते हैं कि मैं गाय भैंस के पैर बांधकर उनका दूध पी जाता हूँ । यह सरासर गलत है । यह काम आप इंसानों का है । आप गाय भैंस का दूध निकालते हैं । उसके बछड़े/ कटरे का हक मारते हैं । हम दूध नहीं पीते । हम सभी सांपों की जीभ बीच से फटी होती है । हम दूध चूस हीं नहीं सकते । वैसे भी हमें कैल्शियम माफिक नहीं आती । हम उसे पचा नहीं पाते । इसलिए आज से आप हम सापों पर एक एहसान करना कि हमें नाग पंचमी के दिन कोई दूध नहीं पिलाना ।
हमें चूहा खाना बहुत पसंद है । आम तौर पर सभी सांप चूहे खाते हैं, लेकिन हमारा हीं नाम ” चूहा खोर ” पड़ा है।
हमें अंग्रेजी में rat snake कहते हैं । हम चूहा खाने के लिए लोगों के घरों तक में घुस जाते हैं, क्योंकि हम मानते हैं कि ” पहले पेट पूजा, फिर गोपाल दूजा ” । हम खा पीकर जब अघा जाते हैं या अभी खा हीं रहे होते हैं कि आप सभी लाठी डंडे से हमारा स्वागत कर देते हैं । हम बेमौत मारे जाते हैं । आप लोगों का हीं तो कहना है कि भोजन करते समय दुश्मन को भी नहीं मारना चाहिए । हम तो आपके मित्र हैं । पर्यावरण की रक्षा करते हैं । आपका अनाज चट करने वाले को हम चट कर जाते हैं ।
आकार में हम अजगर और किंग कोबरा के बाद तीसरे नम्बर पर आते हैं । आकार बड़ा होने की वजह से आप हमसे डर जाते हैं । डरा हुआ प्राणी बेहद खतरनाक होता है । आप भी हमारे लिए खतरनाक साबित होते हो । आप हमें मारने में मिनट की भी देरी नहीं करते । आप यह क्यों नहीं सोचते कि हमारा भी कुनबा है । हमारी भी माँ, बीवी और बच्चे हैं । आपके इस कृत्य से उनको कितनी तकलीफ होगी, ये भी तो सोचिए । आप प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ हैं । आपके पास भगवान का दिया हुआ एक सुंदर दिमाग है । आप दिमाग का इस्तेमाल कीजिए । विष और विषहीन सर्प की पहचान करना सीखिए । हम विषहीन हैं । हमें मत मारिए ।
हम किंग कोबरा के पसंदीदा भोजन है । कहने को तो हम उससे संघर्ष करते हैं, पर अंततोगत्वा वह हम पर भारी पड़ता है । किंग कोबरा हमें साबूत निगल जाता है । खैर , यह प्रकृति का नियम है । जीवो जीवस्य भोजनम् । हाँ, जीव जीव को खाता है । क्यों खाता है ? पेट भरने के लिए । आप क्यों खाते हो ? स्वाद के लिए । आपको पेट भरने के लिए अनाज है । साग सब्जी है । दूध दही है । खाइए खूब खाइए । पेट भर के खाइए । लेकिन हमें मत मारिए । हम आपके लिए तो हार्मलेस हैं । आप हमें खाते नहीं हैं , बल्कि हमसे डरते हैं । हमको दुश्मन की निगाह से मत देखिए । हम सापों की 80% प्रजातियां विषहीन होती है । केवल पहचान करना जरुरी है । हमारे शरीर पर हमारे रंगरुप का लेबल चिपका होता है , जिसे आपकी भाषा में आईडेंटिटी कार्ड कहा जाता है ।
हम विषहीन हैं, पर दंतहीन नहीं । इसलिए छेड़छाड़ करने पर हम काटते हैं । पहले तो भागने की कोशिश करते हैं । भाग नहीं पाने पर , घिर जाने पर या पूंछ पर पाँव पड़ जाने पर हम काटते हैं । ऐसे में काटना हमारा धर्म होता है और कर्म भी । हम उस समय अपना जीवन बचाने के लिए एक युद्ध कर रहे होते हैं । कहते हैं कि प्यार और युद्ध में सब जायज होता है । इसलिए हमारा काटना जायज है । हम प्यार भी करते हैं और प्यार में युद्ध भी करना जानते हैं । आपने देखा होगा , दो धामन साँपों को आपस में गुत्थम गुत्था होते हुए । आप लोग इसे नर और मादा धामन का प्रेमालाप कहते हैं । पर ऐसा नहीं है । हम दोनों नर होते हैं । हम मादा को रिझाने के लिए ऐसा करते हैं । मादा आस पास छुपी रहती है और देखती रहती है ।
हम नर धामन धर्मयुद्ध करते हैं । हम नियमबद्ध होते हैं । महाभारत के युद्ध में युद्ध नियमों की काफी अवहेलना की गयी थी । हम कोई अवहेलना नहीं करते । हम लड़ते जरुर हैं, पर एक दूसरे को काटते नहीं हैं । लड़ते लड़ते जब एक नर धामन पस्त हो जाता है तो वह अपना सिर जमीन पर टिका देता है । फिर दूसरा साँप उससे नहीं लड़ता । उसे जाने के लिए रास्ता दिया जाता है । वह चुपचाप निकल लेता है । फिर जो जीता वही सिकंदर होता है । मादा धामन उसी की हो जाती है । आप मनुष्यों में भी जोरु और जमीन के लिए बहुत लड़ाइयां होती रही हैं । अंतर सिर्फ इतना है कि आपकी लड़ाई में खून खराबा होता है । हमारी लड़ाई बिना खून खराबे के ही खतम हो जाती है ।
हमारे इलाके में हमारी डील डौल को देखकर कोई अन्य सांप आने की जुर्रत नहीं करता । इससे हमारे अंदर एक कांप्लेक्स आपरुपेण हीं विकसित हो गया है । हम धामन लोग भी अपने को किंग कोबरा समझने लगे हैं । हम किंग कोबरा की तरह हीं आधे शरीर को जमीन से ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं । फन है नहीं । फिर क्या फैलाएं ? इसलिए सिर को इधर उधर जुंबिश देते रहते हैं । किंग कोबरा फुफकारता है । हम भी हिश्शिंग की आवाज निकालते हैं । कुत्ते बिल्ली तो डर जाते हैं । वे तो दूर दूर रहते हैं । आप इंसान हो । आप डरते नहीं । आप हमें मार देते हो । आप हमारे नम्बर एक दुश्मन हो ।

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