चिराग पासवान ने अपना अलग रास्ता इख़्तियार किया; नीतीश से बैर लेकिन भाजपा से प्रेम

लोजपा ने चिराग पासवान के नेतृत्व में बिहार विधान सभा चुनाव में अपने दम पर किस्मत आजमाने का फैसला किया है. पिछले कई दिनों से सीटों की संख्या को लेकर लोजपा आक्रामक रुख अख्तियार किये हुए थी. एनडीए में जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के शामिल होने से नाराज चिराग पासवान पिछले कुछ समय से नीतीश कुमार के खिलाफ हमलावर रुख अपनाये हुए थे. ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरने का फैसला करने वाले चिराग पासवान ने हाल फिलहाल के महीनों में पटना में जल जमाव, कोरोना काल में चुनाव के मुद्दे पर अलग स्वर अपनाया हुआ था. इसके अलावा उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी योजना सात निश्चय के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए बिहार सरकार को घेरने का लगातार प्रयास किया. इससे बिफरे नीतीश कुमार ने चिराग पासवान की अधिक सीटों की मांग पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया था कि 2015 में लोजपा और भाजपा साथ थे तो लोजपा की समस्याओं का समाधान करने का काम भाजपा का है. जदयू का इससे कोई लेना देना नहीं है.

चिराग पासवान ने बिहार सरकार में सहयोगी भाजपा पर निशाना नहीं साधा. पार्टी ने साफ किया है कि चुनाव के बाद लोजपा के सभी विधायक भाजपा का समर्थन करेंगे. लोजपा का कहना है कि चुनाव के बाद पार्टी के तमाम नवनिवार्चित विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मार्ग के साथ रहकर भाजपा-लोजपा सरकार बनाएंगे। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि केंद्र की तर्ज पर बिहार में भी भाजपा-लोजपा सरकार बनेगी। ताकि, ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ को लागू किया जा सके। राजनीतिक हलफो में इसे चिराग पासवान को भाजपा के नीतीश कुमार और जदयू के खिलाफ गेमप्लान के रूप में देखा जा रहा है.

लोजपा के प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने कहा कि एक-दो दिनों में पार्टी पहले चरण के प्रत्याशियों की घोषणा कर देगी. लोजपा और भाजपा मणिपुर में इस फॉर्मूले के तहत चुनाव लड़ चुकी हैं. वर्ष 2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव में लोजपा ने भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ा था। बाद में लोजपा सरकार में शामिल हो गई. लोजपा मुख्यमंत्री वीरेंद्र्र सिंह सरकार में शामिल है.

इस बीच एनडीए में सीटों के बंटवारे का औपचारिक ऐलान रविवार को भी नहीं हो सका. कई दिनों की तर्ज पर जदयू व भाजपा में सीट व उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को भी मैराथन बैठक जारी रही. पटना में जहां जदयू अध्यक्ष सीएम नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी की कोर कमेटि की बैठक हुई तो भाजपा की बैठक दिल्ली में अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर हुई, जिसमें बिहार भाजपा के नेता शामिल हुए. संभावना जताई जा रही है कि अब सोमवार को ही एनडीए की ओर से सीटों के साथ ही उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान किया जाएगा. वैसे राजनीतिक गलियारे में यह भी खबर तैरती रही कि एनडीए के घटक दलों ने अपने-अपने कोटे की सीट व उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भले ही नहीं किया लेकिन दलों की ओर से उन उम्मीदवारों को फोन जाने लगे जिन्हें पार्टी ने इस चुनाव में उम्मीदवार बनाया है.  पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है नामांकन के लिए मात्र चार दिन शेष रहने के कारण ही पार्टियों ने फोन कर चयनित उम्मीदवारों को फोन कर दिया ताकि वे नामांकन की तैयारी कर सकें.


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