महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की घोषणा के बाद अब एनडीए की बारी

बिहार विधान सभा के पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गया है और अंतिम तारीख 8 अक्टूबर है. महागठबंधन ने सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दी है. इसके तहत राजद 144 सीट, कांग्रेस 70 सीटों पर और लेफ्ट पार्टियां 29 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे. सूत्रों की मानें तो सीटों के बंटवारे को लेकर लम्बे चले बातचीत के दौर के बाद आज रविवार को एनडीए सीट शेयरिंग की घोषणा कर सकता है। महज डेढ़ से दो दर्जन सीटें ऐसी बची हैं जिन पर एनडीए के घटक दलों के पुरजोर दावे हैं और इन पर फैसला होना बाकी है।

इससे पहले शनिवार को सीट बंटवारे को लेकर दिन भर विचार-विमर्श चलता रहा। एनडीए के दोनों प्रमुख दल जदयू-भाजपा की कोर टीम के नेताओं ने सीट-टू-सीट विस्तार से बातचीत की। इस कसरत के बाद जदयू नेता अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बैठे तो वहीं, बिहार भाजपा के नेता देर रात दिल्ली रवाना हो गए।

जदयू की ओर से विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के साथ शुरू इस बैठक में बाद में भाजपा के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल तो जदयू से संगठन महासचिव आरसीपी सिंह और ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव भी जुड़े। लगभग चार घंटे तक चली बैठक में जदयू-भाजपा नेताओं ने एक-एक सीट पर विमर्श किया। साल 2010 में हुए सीटों के बंटवारे और 2015 में जीती हुई सीटें को आधार बनाकर नेताओं ने विमर्श किया।

एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर लोजपा का व्यवहार भी दिक्कत पैदा कर रहा है. चिराग पासवान की व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी के एनडीए में शामिल होने के चलते प्रदेश में दलित नेतृत्व के मसले पर हम के टकराव ऐसे फैक्टर हैं जो एनडीए में सीट शेयरिंग की राह में बाधा हैं. रामबिलास पासवान की ही तरह मांझी अनुसूचित जाति से आते हैं और राज्य में अपने को दलित नेता के रूप में पेश करने के लिए वह एलजेपी नेतृत्व पर हमला करते रहे हैं। एलजेपी का मानना है कि नीतीश कुमार एनडीए में मांझी को इसलिए लेकर आए हैं ताकि उस पर निशाना साधा जा सके। बीजेपी ने दोनों दलों के झगड़े में पक्ष लेने से अब तक इनकार किया कर दिया है और उसने मतभेदों को बहुत तवज्जो नहीं दिया है।

एनडीए के घटकों के आपसी खींचतान पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कुछ महीने पहले अपने बयान में स्पष्ट किया था कि गठबंधन के तौर पर तीनों दलों की एकता पूरी तरह से अक्षुण्ण है। बिहार में जब भी चुनाव होगा, हम तीनों दल पूरी मजबूती से एकसाथ मिलकर लड़ेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले ही इस बात को साफ़ कर चुके हैं कि बिहार में तीनों दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वहीँ भाजपा विधान पार्षद संजय पासवान ने लोजपा पर हमला किया था । संजय पासवान ने कहा था कि ऐसा लग रहा है कि लोजपा नेता सत्ता में बने रहे के लिए नाटक कर रहे हैं। उनका यह रवैया सही नहीं है। वर्ष 2010 में जदयू व भाजपा साथ मिलकर दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बना चुकी है।

बिहार प्रदेश जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष व सरकार के भवन निर्माण मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही कवायदों के बीच शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि गठबंधन में सबकुछ ठीक है। ऑल इज वेल। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। बातचीत चल रही है। शुक्रवार की अपराह्न मुख्यमंत्री आवास से बैठक में शामिल होकर निकलने पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बहुत जल्द सबकुछ सामने आ जाएगा। जो भी फैसला होगा, मीडिया को बता दिया जाएगा। थोड़ा इंतजार कर लीजिए।

सूत्रों के अनुसार लोजपा का 42 सीटों का दावा बरकरार है, लेकिन उसे लगभग 32 सीटें मिलने की संभावना है। कुछ सीटें जीतनराम मांझी को भी दी जाएंगी, . बाकी सीटों में जद (यू) का पलड़ा भारी रहेगा और वह भाजपा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा के सौ के आसपास सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है। इस सप्ताह के आखिर में एक साथ बैठककर एनडीए नेताओं की ओर से सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा शुक्रवार को कर दी गई है ।

ज्ञात हो कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा शुक्रवार को कर दी गई है । कोरोना संक्रमण के बीच बिहार में इस बार तीन चरणों में मतदान होगा। 10 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी।
पहले चरण में 14 जिलों (बांका, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, गया, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर) के 71 सीटों पर 28 अक्टूबर को मतदान होगा।
दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को 13 जिलों (गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीवान, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, वैशाली, नालंदा, समस्तीपुर, बेगूसराय, भागलपुर, और खगड़िया) के 94 सीटों पर होगा।
तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को 11 जिलों (कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी और पश्चिमी चंपारण) के 78 सीटों पर होगा।

पहले चरण के मतदान के लिए उम्मीदवार 8 अक्टूबर तक नामांकन कर सकते हैं। 9 अक्टूबर को स्क्रूटनी होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर है।

दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 9 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर है। स्क्रूटनी के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। दूसरे चरण के लिए नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर है।

तीसरे चरण के लिए 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन करने के लिए 20 अक्टूबर आखिरी दिन होगा। स्क्रूटनी की तारीख 21 अक्टूबर है और नामांकन वापसी के लिए अंतिम तारीख 23 अक्टूबर तय की गई है।


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