चुनाव लड़ने के पहले ही पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी को लगा ये झटका

बिहार विधान सभा चुनाव के ऐन पहले गठित प्लुरलस पार्टी और इसकी मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी को चुनाव लड़ने से पहले ही झटका लग गया, जब उनकी पार्टी के 28 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज हो गए. लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढ़कर आयी मिस चौधरी बिहार चुनाव में लगातार राजद और जदयू-भाजपा के 30 वर्षों के शासन को लेकर नीतीश कुमार समेत तमाम राजनीतिज्ञों पर हमलावर रही हैं.

राजनीतिक गलियारों में लगातार उनकी फंडिंग, उनके सामाजिक मुद्दों पर स्टैंड को लेकर सवाल किये जाते रहे हैं, पर इन तमाम विवादों से अपने आप को दूर रखते हुए मिस चौधरी लगातार बिहार का दौरा कर रही हैं और अपने आप को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित कर रखा है. पर उनकी दावेदारी को झटका लग गया जब चुनाव आयोग की ओर से नामांकन पत्रों की जांच के दौरान प्लूरल्स के 61 उम्मीदवारों में से 28 के नामांकन अवैध घोषित किए वहीं उनकी पार्टी के 33 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए. इस बात की जानकारी खुद पार्टी अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने ट्वीट कर दी.

 

प्लूरल्स ने दूसरे चरण के लिए चुनाव के लिए अपने कैंडिटेट्स की घोषणा कर दी है. पार्टी अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने  सबकाशासन हैशटैग करते हुए लिखा कि प्लुरल्स पोल कमिटी की अनुशंसा पर बिहार विधानसभा चुनाव के द्वितीय चरण के 94 क्षेत्रों के लिए 26 उम्मीदवारों (स्त्री 13, पुरुष 13) की सूची जारी की जा रही है. शेष कल तक.

निर्वाचन विभाग के अनुसार पालीगंज में सर्वाधिक 28 तो गया टाउन में 27 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. वहीं, तारापुर में 26, अरवल में 24, गुरुआ में 23, शाहपुर में 23, टेकारी में 23, वजीरगंज व रजौली (सु) में 22-22, सासाराम, करहगर और दिनारा में 20-20-20 प्रत्याशी मैदान में हैं. कटोरिया (सु) विधानसभा क्षेत्र के लिए सबसे कम मात्र पांच उम्मीदवार मैदान में हैं.


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