दानापुर विधानसभा सीट पर है राजद उम्मीदवार रीतलाल यादव और भाजपा उम्मीदवार आशा सिन्हा के बीच कांटे की टक्कर

Balendushekhar Mangalmurty 

इस बार पटना से सटे दानापुर विधानसभा सीट पर राजद उम्मीदवार रीतलाल यादव और भाजपा उम्मीदवार और वर्तमान विधायक आशा सिन्हा के बीच कड़ी टक्कर है. इसी साल अगस्त में जेल से छूटे रीतलाल यादव पर 33 से अधिक मामलों के केस दर्ज हैं, जिनमे हत्या और उगाही के गंभीर मामले हैं.

2010 में रीतलाल बतौर इंडिपेंडेंट कैंडिडेट भाजपा एमलए के खिलाफ चुनावी दंगल में उतरे थे. उस समय रीतलाल मर्डर के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे थे. 2014 में रीतलाल चर्चा में आये जब पाटलिपुत्र लोक सभा सीट से अपनी बेटी मीसा भारती के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने के लिए लालू यादव उन्हें मनाने गए और बदले में रीतलाल को राजद का जनरल सेक्रेटरी बनाया. 2016 में विधान पार्षद बनने के बाद अगस्त 18, 2020 को उन्हें पटना हाई कोर्ट की दो जजों के बेंच ने जेल से रिहा करने का आदेश दिया। पिछले सात सालों से वे जेल की सलाखों के पीछे थे.

90 के दशक में रीतलाल का नाम उभरा जब दानापुर रेल डिवीज़न के कॉन्ट्रैक्ट्स में रीतलाल का दखल बढ़ने लगा. रीतलाल का खौफ ऐसा बढ़ चला कि बिना उनके सहमति के कोई कांट्रेक्टर दानापुर डिवीज़न का कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं ले सकता था. कुछ पुलिस अधिकारीयों के साथ भी रीतलाल की मिलीभगत थी और उन्हें भी कॉन्ट्रैक्ट्स में कट मिला करता था. जिसने भी रीतलाल का विरोध करने की कोशिश की, वो सफल नहीं हो पाया, कुछेक मामलों में विरोध करने कॉन्ट्रैक्टर्स पर जानलेवा हमले भी किये गए. एक बार मोकामा में कॉन्ट्रैक्टर्स पर गोलीबारी के मामले में रीतलाल का नाम आया था.

रीतलाल पर दानापुर से भाजपा की वर्तमान विधायक आशा सिन्हा के पति की हत्या का मुकदमा भी चल रहा है. आशा सिन्हा के पति सत्यनारायण सिंह खुद एक बाहुबली थे और इलाके पर उनका काफी प्रभाव था. 30 अप्रैल 2003 को लालू यादव द्वारा आहूत लाठी रैली के दौरान रीतलाल ने खगौल में जमालुद्दीन चक में सत्यनारायण सिंह की हत्या कर दी थी. बाद में अटल बिहारी वाजपेयी ने आशा सिन्हा को भाजपा की सदस्यता दी.

2015 विधानसभा चुनाव के दौरान रीतलाल ने राजद का सिम्बल लेने की पुरजोर कोशिश की. खुद वे जेल की सलाखों के पीछे थे, पर उनकी पत्नी, पिता और परिवार के अन्य लोगों ने लालू यादव के घर के बाहर धरना दिया, पर लालू यादव ने उस समय टिकट देने से मना कर दिया.
वर्तमान में बिहार विधान परिषद् के सदस्य रीतलाल जेल से बाहर आ चुके हैं और राजद के सिम्बल परनामांकन दाखिल कर चुके हैं.
अब देखना रोचक होगा कि यादव बहुल विधानसभा क्षेत्र में बतौर निर्दलीय अच्छा प्रभाव छोड़ने वाले राजद के उम्मीदवार के तौर पर भाजपा के वर्तमान विधायक आशा सिन्हा के एक बार फिर विधायक बनने की आशाओं पर पानी फेरने में सफल हो पाते हैं या नहीं.
दानापुर विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में यानि 3 नवम्बर को वोटिंग है. वोटों की गिनती 10 नवम्बर को होगी.

बुधवार को दोनों ही उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया. वहीं, अपने-अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जुलूस भी निकाला.

रीतलाल यादव ने कहा, इस बार लालू प्रसाद यादव ने मुझे आशीर्वाद देकर भेजा है कि क्षेत्र की जनता का सेवा करो. दानापुर के देहरा इलाकों के लिए पुल का निर्माण करवाओ और वहां के लोगों के लिए जलजमाव की समस्या को दूर करो. 

वहीँ आशा सिन्हा का कहना है, क्षेत्र की जनता की सम्यस्याओं के बारे में मुझे जानकारी है. मैंने यहां के विकास के लिए अपने घोषणा पत्र में भी बताया है. हम क्षेत्र की जनता के लिए विकास काम करेंगे. वहीं, इस बार चिड़ियाघर से लेकर दानापुर तक पक्की नाली उड़ाही के साथ नए नाले के निर्माण से दानापुर के लोगों को जलजमाव की समस्या से मुक्ती मिलेगी. 


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.