बिहार विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए रिज़र्व दो सीट हैं…

Balendushekhar Mangalmurty

बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होंगे. 28 अक्टूबर को पहले चरण की वोटिंग, 3 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग और 7 नवंबर को तीसरे चरण की वोटिंग होगी. इसके बाद 10 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे. बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त होगा.महागठबंधन और एनडीए के उम्मीदवारों के अलावा अन्य दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं.

झारखण्ड गठन के बाद 243 सीटों वाले बिहार विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए दो सीट रिज़र्व हैं- बांका जिले में कटोरिया विधानसभा सीट और कटिहार जिले में मनिहारी विधानसभा सीट.

कटोरिया विधानसभा सीट

कटोरिया विधानसभा सीट से राजद विधायक स्वीटी सीमा हेंब्रम व भाजपा से डॉ निक्की हेंब्रम चुनावी मैदान में हैं. इसके अलावा झामुमो से अंजुला हांसदा भी मैदान में हैं.

करीब ढाई लाख वोटरों वाली कटोरिया विधानसभा सीट ( बांका जिला) पर पहले चरण में 28 अक्टूबर को चुनाव होंगे. 2015 के विधानसभा चुनाव में स्वीटी सीमा हेम्ब्रम ने भाजपा की निक्की हेम्ब्रम को करीब 10 हजार वोटों से हराया था. इससे पहले 2010 में भाजपा के सोनेलाल हेमब्रम इस सीट से विधायक बने थे.
यह सीट साल 1951 से अस्तित्व में आये इस विधानसभा सीट पर पहली बार कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी. इस सीट पर अब तक 16 चुनाव हुए हैं. इसमें कांग्रेस 4, राजद 3 बार, जनता दल 2, आइसीएस, भाजपा कांग्रेस (U),जनता दल, स्वतंत्र पार्टी, निर्दलीय एक-एक बार जीत दर्ज की.

जातीय समीकरण की बात करें तो इस सीट पर मुस्लिम वोटर्स काफी बड़ी संख्या में हैं. भूमिहार, ब्राह्मण, कोइरी, रविदास की संख्या भी काफी अधिक है. 2010 की तुलना में 2015 में वोटिंग पर्सेंटेज 10% से ज्यादा बढ़ा था. 2015 में इस सीट पर 56.8% वोटिंग हुई थी. कुल 2.48 लाख वोटर्स में पुरुष वोटर्स की संख्या 1.31 लाख (53.0%) और महिला वोटर्स की संख्या 1.16 लाख (47.0%) है.

मनिहारी विधानसभा सीट
अनुसूचित जातियों के लिए रिज़र्व दूसरे सीट मनिहारी विधानसभा सीट पर 2015 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से मनोहर प्रसाद सिंह ने लोजपा के अनिल कुमार उरांव को 13680 वोटों के अंतर से हराया था.विकास की बाट जोह रहा मनिहारी विधानसभा में आधी से ज्यादा आबादी बिजली के संकट से जूझ रही है. हर साल बारिश में बाढ़ का कहर झेलने वाला मनिहारी विधानसभा क्षेत्र आज भी एक पुल का इन्तजार कर रहा ताकि लोग आवागमन कर सकें.बिहार झारखंड को जोड़ने के लिए बड़े पुल का निर्माण दोनों ही राज्य सरकारों की घोषणा भर तक सीमित है. गंगा के लगातार कटान की वजह से यहां के लोग शहरों की तरफ पलायन करने को विवश हैं. जिला मुख्यालय के लोग खासकर बाढ़-बरसात के समय पश्चिम बंगाल के कुमेदपुर होकर अमदाबाद मुख्यालय जाते हैं. नगर पंचायत में आज भी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं.

1957 में मनिहारी सीट पर पहली बार चुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस की पार्वती देवी विधायक चुनी गई थींइस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतादाता की संख्या 247621 हैं. जिनमें पुरुष वोटर्स 53.31 प्रतिशत हैं. जबाकि, महिला मतदाता की संख्या 46.69 प्रतिशत हैं.

पिछले पांच विधानसभा चुनाव के परिणाम
वर्ष विधायक का नाम पार्टी
2010 मनोहर प्रसाद सिंह जदयू
2005 (अक्टूबर) मुबारक हुसैन कांग्रेस
2005 (फरवरी) मुबारक हुसैन कांग्रेस
2000 विश्वनाथ चंदन जदयू
1995 मुबारक हुसैन कांग्रेस
1990 विश्वनाथ सिंह जनता दल

इस बार देखना है ऊंट किस करवट बैठता है.


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