मोरवा विधानसभा सीट से इस बार कौन:राजद के रणविजय साहू या जदयू के विद्यासागर निषाद

Balendushekhar Mangalmurty

उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले मोरवा विधानसभा में महागठबंधन और एनडीए आमने सामने है. एनडीए में सीट बंटवारे में यह सीट जदयू के खाते में आयी है, जहाँ से 2015 में विद्यासागर निषाद ने भाजपा के उम्मीदवार सुरेश राय को हराया था. तब जदयू, कांग्रेस और राजद का गठबंधन था. और भाजपा रालोसपा, हम, और लोजपा एक साथ चुनाव लड़ रहे थे. इस बार महागठबंधन की तरफ वामपंथी दलों ने भी इस सीट के लिए जोड़ लगाया था, पर अंततः ये सीट राजद के खाते में गयी. 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में राजद 144 सीटों पर, कांग्रेस 70 सीटों पर और वामपंथियाँ पार्टियां 29 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. वहीँ एनडीए में भाजपा 121 सीटों पर और जदयू 122 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रही हैं. इस बार जदयू के सिटींग एमएलए विद्यासागर निषाद के सामने हैं राजद के उम्मीदवार रणविजय साहू. इस बार के बदले राजनीतिक समीकरण में राजद के रणविजय साहू को कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के वोटर्स के समर्थन की उम्मीद है, वहीँ विद्यासागर निषाद को जदयू के अलावा हम, वीआईपी और भाजपा के वोटर्स के समर्थन की उम्मीद है.
तीसरे चरण में होने वाले चुनाव में इस बार जनता की पसंद कौन बनता है, इसका फैसला 10 नवम्बर को होगा, जब वोटों की गिनती होगी. पर इस बार कांटे की टक्कर है.

साल 2015 के विधानसभा चुनाव में विद्यासागर निषाद ने जदयू के सिम्बल पर 18816 वोटों से भाजपा के सुरेश राय को हराया था. विद्यासागर निषाद को कुल 59206 वोट हासिल हुए थे जबकि बीजेपी उम्मीदवार सुरेश राय को 40390 प्राप्त हुए थे. तीसरे स्थान पर रहे शिवसेना के अनिल कुमार शर्मा को 9,380 वोट मिले थे.2015 के विस चुनाव चुनाव में भाजपा ने समस्तीपुर, मोरवा, मोहिउद्दीननगर, सरायरंजन और रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र में अपने उम्मीदवार उतारे थे जबकि कल्याणपुर, विभूतिपुर और वारिसनगर सीट लोजपा के खाते में गयी थी. उजियारपुर और हसनपुर सीट रालोसपा को दी गयी थी.कड़ी टक्कर के बावजूद एनडीए समस्तीपुर जिले में एक भी सीट नहीं जीत पाया था. भाजपा ने रोसड़ा की अपनी जीती सीट भी गंवा दी थी. जदयू को पिछले चुनाव में हसनपुर, वारिसनगर, विभूतिपुर, कल्याणपुर, सरायरंजन और मोरवा में जीत मिली थी.

बिहार में 2008 में परिसीमन के बाद मोरवा विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया था. इसमें समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड के अलावा ताजपुर के 12 और पटोरी प्रखंड के 8 पंचायतों को शामिल किया गया था. 2010 में मोरवा विधानसभा क्षेत्र का पहला चुनाव हुआ जिसमें जदयू की टिकट पर बैधनाथ सहनी विधानसभा पहुंचे थे. बैद्यनाथ सहनी ने 40,271 (38.4%) मतों के साथ जीत हासिल की थी. वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अशोक सिंह को 33,421 (31.8%) मतों से संतोष करना पड़ा था. कांग्रेस के नागमणि 6,995 (6.7%) मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.

मोरवा में सहनी समाज की आबादी ज्यादा हैं. इंदरवाड़ा में राजकीय मेला लगता है. इस प्रसिद्ध मेले में निषाद समाज के लोग बिहार के बाहर से भी आते हैं. पटोरी प्रखंड का भी कुछ हिस्सा इसमें है. यह क्षेत्र मछली पालन के लिए जाना जाता है. हालांकि इस लिहाज से इस क्षेत्र में काम नहीं हुआ. यह चुनाव का एक मुद्दा भी है. इस क्षेत्र में गांवों में सड़कों की हालत अब भी ठीक नहीं है. ताजपुर को नगर पंचायत का दर्जा देने की भी मांग बहुत वर्षों से लंबित है.

मोरवा विधानसभा क्षेत्र की आबादी जनगणना 2011 के मुताबिक 390141 है. जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात क्रमशः 18.97 और 0.04 फीसदी है. 2019 की मतदाता सूची के मुताबिक इस सीट पर 255729 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.


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