अतरी विधानसभा सीट पर मनोरमा देवी (जदयू) और रंजीत यादव (राजद) के बीच सीधा मुकाबला

बालेन्दुशेखर मंगलमूर्ति

अतरी विधानसभा सीट से जदयू की विधान पार्षद मनोरमा देवी एनडीए की प्रत्याशी हैं. वहीं राजद ने नया चेहरा अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को चुनाव मैदान में उतारा है. ये विधायक कुंती देवी के पुत्र हैं. एक तरह से दोनों क्षेत्र के लिए नया चेहरा हैं. लोजपा से अरविंद कुमार सिंह यहां से चुनावी मैदान में हैं. कुंती देवी ने साल 2015 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी के अरविंद कुमार को हराकर इस सीट पर विधायक चुनी गई.

अतरी विधानसभा सीट का इतिहास
1980 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सुरेंद्र प्रसाद को जीत हासिल हुई. 1985 और 1990 में लगातार दो बार कांग्रेस के ही रंजीत सिंह को जीत हासिल हुई. इसके बाद से इस सीट पर कांग्रेस का खाता नहीं खुला. 1995, 2000 और में जनता दफरबरी 2005 में लगातार तीन बार राजद के उम्मीदवार राजेंद्र प्रसाद यादव विधानसभा पहुंचे. अक्टूबर 2005 में राजद की कुंती देवी के हिस्से जीत मिली. 2010 में एक बार फिर यादव उम्मीदवार की यही जीत हुई, लेकिन ये थे जदयू के कृष्ण नंदन यादव. 2015 में एक बार फिर राजद की उम्मीदवार कुंती देवी ने लोजपा के अरविन्द कुमार सिंह को शिकस्त देकर ये सीट अपने नाम किया. इस बार कुंती देवी के पुत्र रंजीत यादव राजद के टिकट पर मैदान में हैं. वहीँ बिंदी यादव की पत्नी जदयू विधान पार्षद मनोरमा देवी भी पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रही हैं.

कुंती देवी,पूर्व विधायक, अतरी विधानसभा

मनोरमा देवी इलाके के बाहुबली बिंदी यादव की पत्नी हैं.   जुलाई 2020 में बिंदी यादव की कोरोना संक्रमण के चलते पटना के रुबेन हॉस्पिटल में देहांत हो गया. बिंदी यादव, जो कभी छोटी-मोटी चोरी किया करते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी अपराधियों से साठगांठ हुई और 90 के दशक में वह अपराध की दुनिया के बादशाह बन बैठे. उस वक्त गया, जहानाबाद के क्षेत्र में सुरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव और महेश्वर यादव जैसे बाहुबलियों का बोलबाला था. पुलिसिया कार्यवाही से बचने के लिए बिंदी यादव ने राजद पार्टी ज्वाइन कर लिया. वर्ष 2001 में गया जिला के जिला परिषद के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए और वर्ष 2010 में उन्होंने विधानसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन चुनाव नहीं जीत पाए. उनके ऊपर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे. राजद का दामन छोड़ बिंदी यादव जदयू में आ गए. और जदयू के टिकट पर बिंदी यादव की पत्नी मनोरमा देवी एमएलसी बन गयीं लेकिन बेटे के एक कारनामे ने पूरे परिवार को जेल भिजवा दिया. साइड नहीं देने पर इसके बेटे रॉकी यादव ने गया में आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस विधानसभा में कुल 3.03 लाख मतदाता हैं जिसमें 1.55 लाख पुरुष मतदाता, 1.46 लाख महिला मतदाता और 4 ट्रांसजेंडर मतदाता सम्मिलित हैं. इस विधानसभा सीट पर 28 अक्टूबर को पहले चरण में मतदान होना है. गया जिले में स्थित कृषि प्रधान अतरी विधानसभा क्षेत्र बिहार के पिछड़े इलाकों में गिना जाता है. सड़क के मामले में नीतीश सरकार ने काम किया है, हालाँकि यहाँ की भौगोलिक स्थिति के चलते पानी एक समस्या बनी हुई है. स्वास्थ्य सुविधाएँ कमजोर हैं, सरकारी अस्पताल बहुत अच्छी स्थिति में नहीं कहे जा सकते. नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्र से लोगों का रोजगार के लिए पलायन जारी है.

फिलहाल ये सवाल जनता के मन में है कि यादव बहुल अतरी विधानसभा सीट पर कौन बतौर विधायक नयी पारी की शुरुआत करेगा.

 


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