चेरिया बरियारपुर विधानसभा में विवादित पूर्व मंत्री मंजू वर्मा त्रिकोणीय मुकाबले में निकल पाएंगी?

बालेन्दुशेखर मंगलमूर्ति

बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चेरिया बरियारपुर विधानसभा सीट में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है. त्रिकोणीय मुकाबले के तीन कोण हैं, विवादित जदयू उम्मीदवार और पूर्व मंत्री मंजू वर्मा, राजद के राजवंशी महतो और लोजपा उम्मीदवार राखी देवी. इस सीट से मंजू वर्मा को एक बार फिर से टिकट देने से काफी विवाद हुआ. मंजू का नाम मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में आने के बाद उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था. फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं. कांग्रेस ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की आरोपी और पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को जद जदयू से बिहार विधानसभा का टिकट मिलने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार एवं भाजपा महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें इस महिला नेता की उम्मीदवारी तत्काल वापस लेनी चाहिए.

भूमिहार और यादव बहुल बिहार की चेरिया बरियारपुर सीट पर क्या तमाम विवादों के बीच मंजू वर्मा हैट्रिक लगा पाती हैं, इस पर पुरे बिहार की नज़र है. इस सीट पर दूसरे चरण में 3 नवम्बर को मतदान होना है.

इस सीट से आरजेडी (RJD) ने राजवंशी महतो को चुनावी मैदान में उतारा है. एलजेपी (LJP) ने यहां से राखी देवी को टिकट दिया है.  यहाँ कुल 2.42 लाख वोटर्स हैं जिसमें 1.27 लाख पुरुष वोटर और 1.15 लाख महिला वोटर हैं, वहीँ 24 ट्रांसजेंडर वोटर्स हैं.

चेरिया बरियारपुर का चुनावी इतिहास:

1977 में कांग्रेस उम्मीदवार हरिहर महतो ने जनता पार्टी के उम्मीदवार जुबैर आज़मी ज़ाफ़री को हराया था. 1980 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हरिहर महतो को सीपीआई उम्मीदवार सुखदेव महतो के हाथो हार का सामना करना पड़ा. लेकिन 1985 में कांग्रेस उम्मीदवार हरिहर महतो ने सीपीआई उम्मीदवार सुखदेव महतो को परास्त कर दिया. 1990 चुनावों में सुखदेव महतो निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें जनता दल के राम जीवन सिंह के हाथों हार का सामना करना पड़ा. 1995 के चुनावों में जनता दल के राम जीवन सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुखदेव महतो को पराजित किया. 2000 के चुनावों में राजद कैंडिडेट अशोक कुमार ने जदयू के अनिल चौधरी को शिकस्त दी. लोजपा के अनिल चौधरी ने अक्टूबर 2005 में राजद की कुमारी साबित्री को मात दी थी जबकि फरवरी 2005 के चुनावों में उन्होंने राजद उम्मीदवार राधा कृष्ण को हराया था. 2010 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू के टिकट पर कुमारी मंजू वर्मा ने जीत हासिल की थी. उन्होंने लोजपा के अपने निकटतम प्रत्याशी अनिल चौधरी को मात दी थी. मंजू वर्मा को 32,807 (28.7%) वोट मिले थे जबकि अनिल चौधरी को 31,746 (27.8%) वोट मिले थे. 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से जदयू नेत्री मंजू वर्मा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की जब उन्होंने लोजपा के अनिल चौधरी को 29,736 वोटों से हराया.

राजनीति के गलियारे का सफ़र: कभी ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मंजू वर्मा कैसे बनी मंत्रीं

लोकजनशक्ति पार्टी के राज्य संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष रहे अनिल चौधरी लोजपा के महत्त्वपूर्ण नेता हैं और चिराग पासवान और स्वर्गीय रामविलास पासवान के बेहद करीबी माने जाते हैं. इस बार 2020 के चुनाव में स्वयं उम्मीदवार न बनकर उन्होंने अपने बहु राखी देवी को यहां से लोजपा उम्मीदवार बनाया है.
इस बार का मुकाबला त्रिकोणीय हो चला है. भूमिहार और यादव बहुल सीट पर लोजपा उम्मीदवार राखी देवी, और राजद उम्मीदवार राजवंशी महतो के मुकाबले में विवादों में घिरी जदयू उम्मीदवार मंजू वर्मा क्या चुनावी हैट्रिक लगा पाती हैं, इसका इन्तजार बिहार की जनता को है.


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