चेनारी विधानसभा सीट पर ललन पासवान (जदयू) और मुरारी गौतम (कांग्रेस) में बाज़ी किसके हाथ लगेगी?

Balendushekhar Mangalmurty

रोहतास जिले में स्थित सासाराम संसदीय क्षेत्र का हिस्सा चेनारी विधानसभा सीट पर 28 अक्टूबर को पहले चरण में मतदान होना है. अनुसूचित जातियों के आरक्षित चेनारी विधानसभा क्षेत्र में प्रचार थम गया है और कल उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होने वाला है.

1962 में गठित चेनारी विधानसभा सीट पर वर्तमान सांसद छेदी पासवान 1985 में लोकदल और फिर 2000 में राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर विधायक चुने गए थे. ये एकमात्र मौका था जब इस सीट पर राजद को जीत हासिल हुई थी. जनता दल के टिकट पर जवाहर पासवान को 1990 और 1995 में लगातार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. 2005 के फरबरी और अक्टूबर के चुनाव में जदयू के टिकट पर ललन पासवान को जीत हासिल हुई. 2010 के चुनाव में जदयू के उम्मीदवार के तौर पर श्याम बिहारी राम चुने गए. वर्ष 2010 में जदयू के टिकट पर श्याम बिहारी राम ने यहां राजद के ललन पासवान को हराया था. 2010 के विधानसभा चुनाव में चेनारी विधानसभा सीट पर तीसरे स्थान पर कांग्रेस के मुरारी प्रसाद गौतम थे. उन्हें 21,390 वोट मिले थे.2015 में ललन पासवान ने रालोसपा के टिकट पर इस सीट पर जीत हासिल की. फिर वे जदयू में आ गए. अब तक सबसे अधिक 3 बार प्रतिनिधित्व करने का मौक़ा ललन पासवान को मिला है जो अपने राजनीतिक करियर में दल बदलते रहे हैं. 1964 में बिहार के रोहतास जिले में जन्मे ललन पासवान ने 1981-83 में राजनीति में कदम रखा था. दलित छात्र आंदोलन के दौरान जेल भी गए. ललन पासवान दलित छात्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. इसके अलावा समता पार्टी के प्रदेश महासचिव और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद की भूमिका निभा चुके हैं.

इस सीट पर उम्मीदवारी के लिए जदयू और भाजपा के बीच रस्साकसी हुई थी. बीजेपी सांसद छेदी पासवान के बेटे रवि पासवान ने चेनारी सीट पर अपना दावा ठोका था. उनका कहना था, उन्होंने चेनारी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के 8 हज़ार से 10 हज़ार नए सदस्य बनाए हैं. ऐसे में चेनारी विधानसभा सीट पर उनका हक बनता है. पर अंततः सीट जदयू के खाते में गयी. जदयू के ललन पासवान और कांग्रेस के मुरारी गौतम के बीच मुख्य मुकाबले को इस बार लोजपा ने अपना उम्मीदवार मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है इस बार लोजपा से चंद्रशेखर पासवान, बसपा से श्याम बिहारी राम और जाप से रविशंकर प्रसाद भी चुनावी मैदान में हैं. इस सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो ब्राह्मण और कोइरी जाति के लोग अहम भूमिका में हैं. वहीं अनुसूचित जातियों, राजपूत मुस्लिम और यादवों की संख्या भी अच्छी है. यहाँ से दुसाध जाति के उम्मीदवार चुनाव जीतते आये हैं.

2011 की जनगणना के मुताबिक चेनारी की कुल जनसंख्या 4,32,290 है. जिसमें 96.21 प्रतिशत ग्रामीण जबकि 3.79 प्रतिशत शहरी आबादी है. यहां की कुल आबादी में 22.16 फीसदी अनुसूचित जाति और 4.87 फीसदी अनुसूचित जनजाति है. नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में वर्तमान में मतदाताओं की संख्या 3,02,715 है. इनमें पुरुष मतदाता 1,59,206 हैं और महिला मतदाताओं की तादाद 1,43,504 है.

चेनारी विधानसभा सीट से 15 प्रत्‍याशी मैदान में हैं. यहां जदयू के दो बागी इस बार लोजपा और बसपा के प्रत्‍याशी बनकर मैदान में खड़़े हैं. वनवासियों के मुद्दे यहां प्रमुख हैं. लोजपा ने जदयू की टिकट पर दो बार मोहनिया से चुनाव लड़े चंद्रशेखर पासवान को टिकट दे चुनावी लड़ाई को धारदार बना दिया है. जदयू के ही बागी पूर्व विधायक श्यामबिहारी राम बसपा से मैदान में हैं. यहां वनवासियों को रोजगार और पहाड़ी इलाके में बिजली-पानी की गंभीर समस्या लंबे समय से मुद्दे में शामिल है.

बता दें कि इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 3 चरणों में होंगे. पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर को होगा, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे जबकि तीसरे यानी आखिरी चरण का चुनाव 7 नवंबर को होगा. बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.


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