दीक्षा ( 1991): आडम्बरी ब्राह्मणवादी मूल्यों पर चोट करती एक सशक्त फिल्म

Balendushekhar Mangalmurty 1991 में नेशनल फिल्म्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (NFDC) और दूरदर्शन के आर्थिक सहयोग से यु आर अनंतमूर्ति के छोटे

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दिशा (1990): रोजगार की तलाश में पलायन करते मज़दूरों के दर्द को उभारती बेहतरीन फिल्म

Balendushekhar Mangalmurty 1990 में रिलीज़ हुई फिल्म ” दिशा” बम्बई के हिंटरलैंड ( hinterland) से रोजगार की तलाश में बम्बई

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दूरियां (1979): बिखड़ते दाम्पत्य जीवन पर एक संवेदनशील फिल्म

Balendushekhar Mangalmurty 1979 में भीमसेन ने अपने करियर की दूसरी और अंतिम फिल्म बनायी, दूरियां. दो साल पहले उन्होंने पहली

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ऐसा देश है हमारा / मतिबर रहमान के शंकर भगवान

कृष्णकांत भारत के पूर्वोत्तर का राज्य असम। वही असम जहां से हमारी सरकार ने हिंदू-मुस्लिम छांटना शुरू किया है। यहां

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ये रामानुजम थे जिन्होंने ईनाडु को एक छोटे अखबार से विशाल मीडिया हाउस में बदलकर रख दिया

गुंजन ज्ञानेंद्र सिन्हा ईनाडु मीडिया समूह के डायरेक्टर थे एस आर रामानुजन साहब. नाम और मालिकाना तो रामोजी राव साहब

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मिर्च मसाला (1987): स्त्री की अस्मिता की वकालत करती एक सशक्त फिल्म

Balendushekhar Mangalmurty पहली बार अज्ञेय द्वारा ‘आइडेंटिटी’ के लिए हिंदी शब्द ‘अस्मिता’ प्रयुक्त किया गया था. 1987 में केतन मेहता

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परमा (1985): एक स्त्री के स्वतंत्र वजूद की जरुरत को तलाशती संवेदनशील फिल्म

Suchi Srivastava अपर्णा सेन द्वारा निर्देशित 1985 में रिलीज़ हुई फिल्म परमा ( Parama) में मुख्य भूमिका में राखी और

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