जब चम्बल घाटी के डाकुओं ने “मैला आंचल” उपन्यास खरीदने के लिए पैसे दिए

भारत यायावर रेणु का उपन्यास ‘ मैला आँचल’ अपने प्रकाशन के बाद धीरे-धीरे फैलता ही जा रहा था ,लेकिन यह

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जीवनपर्यन्त उपेक्षित रहे “धूमिल” को मृत्यु के बाद साहित्य अकादमी दिया गया था…

Saroj Yadav धूमिल का जन्म वाराणसी के पास के गांव “खेवली” में 9 नवम्बर 1936 को हुआ था पिता शिवनायक

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राष्ट्रीयता की अलख जगानवाले राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

नवीन शर्मा मैथिलीशरण गुप्त जी का जन्म 3 अगस्त 1886 चिरगाँव, झाँसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था। संभ्रांत वैश्य परिवार

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शिवरानी देवी ने ” प्रेमचंद घर में ” किताब में प्रेमचंद के निजी जीवन के कई पहलुओं पर रौशनी डाली है

Er S D Ojha ” प्रेमचंद घर में ” की लेखिका शिवरानी देवी हैं । शिवरानी देवी प्रेमचंद की पत्नी

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साहिर अगर अमृता के लिए हिमालय की तरह थे, तो शांत गंगा की तरह थे इमरोज़…

नवीन शर्मा  अमृता प्रीतम की आत्मकथा रसीदी टिकट कई साल पहले पढ़ी थी। उसी समय इमरोज के बारे में जाना

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घासीराम कोतवाल: समाज की कुरीतियों पर विजय तेंदुलकर का करारा प्रहार

Balendushekhar Mangalmurty घासीराम कोतवाल विजय तेंदुलकर का बहुचर्चित और जैसा कि उनके मामले में होता आया, विवादस्पद नाटकों में एक

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डोरंडा तब बडकागढ़ रियासत में था, रांची के इतिहास के गलियारों से …

यह वही रांची हैं, जहां एक ईसाई संत फादर कामिल बुल्के ने रामकथा लिखी। यह वही रांची है, जहां राष्ट्रकवि

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राष्ट्रकवि दिनकर के राष्ट्रीय स्तर के पहचान में आचार्य शिवपूजन सहाय और रामवृक्ष बेनीपुरी का श्रेय भी है

Mukuthdari Agrawal  राष्ट्रकवि डॉ रामधारी सिंह दिनकर को अगर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली तो उसका बहुत श्रेय आचार्य शिवपूजन

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