जब बेग़म अख्तर के लिए महज तीन मिनट में नज्म लिख दी जाँ निसार अख़्तर ने

नवीन शर्मा ऐसा माना जाता है की जब कोई दीया बुझने वाला हो तो उसके ठीक पहले उसकी लौ सबसे

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