उफनती गंगा में सूअरों को पार कराने का दृश्य नसीर और शबाना के अभिनय की ईमानदारी की पराकाष्ठा है !

Balendushekhar Mangalmurty 21 मई 1984 को गौतम घोष की फिल्म “पार” रिलीज़ हुई, जिसने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी

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बिहार के गलीज सामंती समाज की गन्दगी को उघार कर रख देने वाली फिल्म है “दामुल”

Balendushekhar Mangalmurty  प्रकाश झा बिहार के फिल्मकार हैं और उन्होंने कई फ़िल्में बिहार को आधार बना कर बनायी हैं और

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2019 लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार महादलित वर्ग के लिए स्वाभाविक आकर्षण हैं

सागरिका चौधरी बिहार की लगभग दस करोड़ की आबादी में दलितों की आबादी लगभग 16 प्रतिशत है यानि कि लगभग

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