कामाख्या मंदिर में आज से शुरू हुआ Festival of menstruation अंबुबाछी, लेकिन अभी भी पीरियड्‌स से जुड़े हैं कई मिथक

गुवाहाटी : Festival of menstruation यानी अंबुबाछी का त्योहार असम में शुरू हो गया है, इस अवसर पर शक्ति पीठ कामरूप कामाख्या में चार दिवसीय मेला शुरू हुआ. यह मेला 26 जून तक चलेगा. इस अवसर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं, हालांकि मंदिर का कपाट अभी बंद रहेगा और जब तीन दिन बाद खुलेगा तो देवी की विशेष आराधना की जायेगी.

ऐसी मान्यता है कि इस दौरान देवी रजस्वला होती हैं इसलिए मंदिर को बंद रखा जाता है. 51 शक्तिपीठों में इसे विशेष दर्जा प्राप्त है यहां देवी का योनि स्थित है. इस मेला के अवसर पर यहां तांत्रिक सिद्धि के लिए भी लोग जुटते हैं

अंबुबाछी त्योहार से कई रुढ़ीवादी परंपराएं भी जुड़ी हैं, मसलन इस त्यौहार के दौरान विधवा महिलाएं घर में बंद रहती हैं, घर से बाहर नहीं जाती फलाहार पर रहती हैं और किसी तरह के जश्न में शामिल नहीं होती हैं.

गौरतलब है कि Festival of menstruation अंबुबाछी के दौरान असम, बंगाल, ओडिशा और त्रिपुरा जैसे राज्यों में जश्न तो मनाया जाता है,लेकिन आम महिलाओं को जब पीरियड्‌स आता है, तो उनपर कई तरह की बंदिशें लगायी जाती हैं और उन्हें अलग-थलग कर दिया जाता, ऐसे में सवाल यह है कि आखिर यह दोहरापन क्यों?

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