शराबबंदी से समझौता नहीं, मॉनसून सत्र में लाया जाएगा शराबबंदी संशोधन कानून : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होगा. शराबबंदी कानून में संशोधन के लिए मॉनसून सत्र में ही विधेयक पास कराया जायेगा. शराबबंदी कानून लागू है और आगे भी रहेगा. यह वापस नहीं होगा, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों से समस्या पैदा हो रही है या इसका गलत उपयोग हो रहा है, जिन्हें संशोधित किया जायेगा. मुख्यमंत्री मंगलवार को मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस पर अधिवेशन भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे.

 

नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी कानून में जरूरी संशोधनों को अमलीजामा पहनाने और गहन समीक्षा करने के लिए गृह विभाग और मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों की संयुक्त रूप से कमेटी बनायी गयी है. दोनों विभागों के अधिकारी मौजूदा कानून के सभी पहलुओं और प्रावधानों की समीक्षा करके यह जानने में लगे हुए हैं कि कौन-से प्रावधान गैर जरूरी हैं या इन्हें संशोधित करने की जरूरत है. कुछ लोग कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग करके धनार्जन करने के फिराक में रहते हैं.

 

सीएम ने बिना किसी का नाम लिये कहा कि कुछ लोगों को समाज सुधार से कोई लेना-देना नहीं है. कुछ भी बोलते रहते हैं. व्याख्या गलत तरीके से करते हैं. ऐसे गंदी मानसिकता वाले लोगों की परवाह करने की जरूरत नहीं है. कुछ लोग शराब को व्यक्तिगत आजादी से जोड़कर देखते हैं, जो पूरी तरह से गलत हैं. अच्छे काम को गलत साबित नहीं करें.

 

उन्होंने कहा कि कानून बनाने से क्राइम समाप्त नहीं होता है. हत्या के लिए उम्रकैद से फांसी तक की सजा का प्रावधान है, तो क्या इससे हत्याएं बंद हो गयी हैं. इसी तरह से शराबबंदी कानून के बाद बड़ी संख्या में अवैध शराब की बरामदगी और जहरीली शराब से मौत की घटनाएं होना इस कानून की विफलता नहीं है. बल्कि इस तरह की घटनाओं का प्रचार-प्रसार करना चाहिए, ताकि लोगों में जागरूकता आये. सीएम ने कहा कि यह सिर्फ अकेले उनका विषय नहीं है. सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का भी दायित्व है.

 

ईओयू में गठित की जायेगी टास्क फोर्स

 

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन होगा. इसमें 12 पदाधिकारी और 24 सिपाही होंगे.

इसी तरह शराबबंदी कानून की मॉनीटरिंग के लिए गठित राज्य समिति का फिर से गठन किया जायेगा. सूचना देने वालों को इनाम देने से लेकर अन्य सभी तरह के प्रावधान किये जा रहे हैं. इनके लिए जितनी राशि की जरूरत पड़ेगी, वह मुहैया करायी जायेगी.

 

जीविकोपार्जन योजना भी शुरू की जायेगी:

 

सीएम ने कहा कि शराब के धंधे में लगे लोगों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया गया है. इनके लिए सतत जीविकोपार्जन योजना शुरू की जा रही है.

इन्हें वैकल्पिक रोजगार मुहैया कराने के लिए खासतौर से पहल की जा रही है. इसके साथ ही गांव में अलग-थलग या हासिये पर पड़े परिवारों को भी इस योजना से जोड़ा जायेगा. शराबबंदी में सिर्फ लोगों को पकड़ने में ही नहीं, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है.

पुलिस की भूमिका सामाजिक अभियान में भी है

 

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि सिर्फ कानून का पालन कराने में ही नहीं, बल्कि सामाजिक अभियान चलाने में भी योगदान दें. नशा के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए खासतौर से पहल करें. कानून को सशक्त करने के साथ ही सामाजिक अभियान को भी ताकत देने की जरूरत है. अगर लोगों में जागरूकता आ गयी, तो क्राइम अपने आप कम हो जायेगा. लोगों को सिर्फ कंट्रोल करना ही मकसद नहीं हो, उनकी मानसिकता को बदलना भी मकसद होना चाहिए.


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