प्रधानमंत्री आवास योजना पूरा नहीं करने वाले अफसर नपेंगे

बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने सभी डीएम को दिये निर्देश

पटना: प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई होगी. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने सभी जिले के डीएम को पत्र लिखकर इसका निर्देश दिया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में विभाग ने सभी डीएम से रिपोर्ट मांगी है. इसके साथ ही इस साल 15 अगस्त तक हर हाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन लाख घरों को बनाने का काम पूरा करने का निर्देश दिया है.

दरअसल आवास सॉफ्टवेयर पर निबंधन और स्वीकृति के लिए लंबित सभी आवासों को लक्ष्य के अनुरूप 20 जून तक स्वीकृति प्रदान करना  था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वर्तमान वास्तविक लक्ष्य 7,34,749 के विरुद्ध जिलों में कुल 87,258 लाभुकों की स्वीकृति लंबित है. स्वीकृति के बाद 59,767 लाभुकों को प्रथम किस्त की सहायता राशि नहीं भेजी गयी है.

विभाग को नहीं मिली रिपोर्ट

सभी जिले में डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर इसकी कार्रवाई  की रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद अररिया, भागलपुर, कैमूर और दरभंगा जिलों से यह उपलब्ध नहीं करवायी गयी है.  इसके साथ ही योजना की प्रगति रिपोर्ट 17 जून तक विभाग ने सभी जिलों से मांगी थी. यह किसी भी जिले से विभाग को नहीं मिला है.

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने इस स्थिति को देखते हुए सभी जिले के डीएम को जांच का निर्देश दिया है. उनसे कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में देखें कि डीडीसी और डायरेक्टर, लेखा प्रशासन और स्वनियोजन ने असंतोषजनक प्रखंडों और पंचायतों को चिह्नित कर स्वयं प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण किया है या नहीं? असंतोषजनक प्रगति पाये जाने पर दोषी बीडीओ, ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गयी है या नहीं?

अधूरा है लक्ष्य

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में वर्ष  2016-17 में 6,37,658 और वर्ष 2017-18 में 5,38,959 आवास बनने थे. इस तरह इन दो सालों में 11,76,617 आवास का निर्माण होना था. इसमें से केवल 11000  आवासों का निर्माण हो पाया. अब बाकी बचे लक्ष्य को 31 दिसंबर 2018 तक पूरा करना है.


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