बटाईदार किसानों को भी सरकारी योजनाओं को लाभ दे रही है बिहार सरकार

आज वाल्टर हाउजर बिहटा के स्वामी सहजानंद के आश्रम से दस्तावेजों को नहीं ले गए होते, तो शायद रद्दी के भाव बेच दिया गया होता.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आज कम किसान ही अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं. ज्यादातर किसान बटाईदार या खेतिहर मजदूर हैं. सरकार बटाईदार किसानों से धान खरीद रही है. सरकार ने ऐसे सभी किसानों को योजना का लाभ देने का प्रावधान किया है. जमीन के मालिक से जमीन छिने बिना उस पर खेती करने वालों को भी सर्टिफिकेट मिल रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. रविवार को सुशील मोदी एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट में स्वामी सहजानंद सरस्वती से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों की पुन:वापसी समारोह को संबोधित कर रहे थे.

सुशील मोदी ने कहा कि स्वामी जी से जुड़े वस्तुओं और दस्तावेजों के लिए भव्य म्यूजियम और रिसर्च सेंटर बनाने में सरकार मदद करेगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में मैं खुद अनुरोध करुंगा. जातिवाद से ऊपर उठकर स्वमी सहजानंद ने किसान और मजदूरों के हित के लिए काम और संघर्ष किया. आज वाल्टर हाउजर बिहटा के उनके आश्रम से दस्तावेजों को नहीं ले गए होते, तो शायद रद्दी के भाव बेच दिया गया होता. आज ऐतिहासिक दस्तावेज समृद्ध रूप में वापस लाया जा सका है.

 

शोधार्थी कैलाश चंद्र झा ने कहा कि वाल्टर हाउजर जब 1957 में पहली बार बिहटा आकर दस्तावेजों का अध्ययन किया तो लगातार आते रहे रहे और दस्तावेजों को अपने पास ले गए. संसद में सवाल उठा कि विदेशी एजेंट द्वारा स्वामी सहजानंद के दस्तावेज को वापस लाया जाए. मैं वाल्टर के लगातार संपर्क में था. कई अभिलेखागार ने इस दस्तावेज को वहां के लिए मांगा, लेकिन डॉ. सज्यजीत सिंह और चिंताहरण सोशल डेवलपमेंट ट्रस्ट पर भरोसा कर इसे यहां वापस किया गया. पूरा दस्तावेज पांच वॉल्यूम में है.

 


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