‘हलाला’ और बहुविवाह के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार

नयी दिल्ली : मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह और ‘ निकाह हलाला ‘ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई पर विचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज अपनी स्वीकृति दे दी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह और ‘ निकाह हलाला ‘ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र को जवाब दाखिल करने की अनुमति दी.

अधिवक्ता शेखर और अश्विनी उपाध्याय ने शमीना बेगम की तरफ से कोर्ट के सामने अपील दाखिल की है, जिसमें यह कहा गया है कि उन्हें याचिका वापस लेने के लिए धमकी दी जा रही है. कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को कहा है कि वे इस संबंध में अपना पक्ष रखें.

क्या है हलाला

‘हलाला’ मुसलमानों की एक ऐसी परंपरा है जिसके तहत अगर पति अपनी पत्नी को तलाक दे दे और दोबारा उससे शादी करना चाहे तो महिला को पहले किसी से शादी करनी होगी, फिर उस व्यक्ति के साथ कम से कम एक रात गुजारने के बाद तलाक लेना होगा तभी वह अपने पति के साथ फिर से शादी कर सकती है. इस परंपरा को महिला विरोधी बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग मुस्लिम महिलाओं के तरफ से ही उठी है, जिसका केंद्र सरकार समर्थन करना चाह रही है.


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