रिसार्ट में पार्टी करके हंगामा करने वाले 15 ट्रेनी जज नहीं होंगे बहाल, अब चीफ जस्टिस करेंगे मामले की सुनवाई

लखनऊ. रिसोर्ट में शराब पीकर हंगामा करने के कारण हटाये गए 15 ट्रेनी जज को फिलहाल बहाल नहीं किया जाएगा. हाईकोर्ट की लखनउ बेंच को दो जजों ने मामले में सुनवाई करते हुए अलग-अलग आदेश दिया है. डिवीजन बेंच के दोनों जज का फैसला अलग-अलग होने के बाद अब चीफ जस्टिस मामले की सुनवाई करेंगे और इस केस में नए सिरे से फैसला सुनाएंगे.

याचिका पर जस्टिस सत्येंद्र सिंह चौहान व जस्टिस रजनीश कुमार की डिवीजन बेंच सुनवायी कर रही थी. जस्टिस चौहान ने अपने फैसले में कहा कि ट्रेनी जजों को सुनवाई का मौका दिये गए बगैर सेवा से हटाने का पीठ का आदेश गलत था. वहीं, जस्टिस रजनीश कुमार ने जस्टिस चौहान के फैसले से अलग अपना फैसला लिखाया जिसमें उन्होंने कहा कि पूर्ण पीठ का ट्रेनी जजों को हटाने का फैसला एकदम सही था और ये ट्रेनी जज प्रोबेशन पर थे लिहाजा उन्हें हटाने से पहले किसी प्रकार की सुनवाई का मौका न देने में कुछ भी गलत नहीं था.

क्या है मामला: 7 सितम्बर, 2014 को 15 ट्रेनी जज फैजाबाद रेड स्थित चरन क्लब एंड रिसार्ट में अपनी ट्रेंनिग खत्म होने की पूर्व संध्या पर पार्टी कर रहे थे. वहां शराब भी पी जा रही थी तभी उनमें आपस मे मारपीट हो गई थी. मामला जब हाईकोर्ट प्रशासन के पास पहुंचा तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक निर्णय लेते हुए सभी को न्यायिक सेवा से बाहर कर दिया था. इसी आदेस के खिलाफ 15 ट्रेनी जजों ने अलग-अलग याचिका दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.


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