पीएमसीएच अस्पताल से महिलाओं को अर्थी को कन्धा देकर ले जाना पड़ा

पीएमसीएच अस्पताल में कुव्यवस्था खुल कर सामने आ गयी, जब 60 वर्षीय महिला की मौत अस्पताल में हो गई. महिला के शव को ले जाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की, लेकिन अस्पताल की तरफ से एंबुलेंस नहीं मिली. परिवार की महिलायें अर्थी को कंधा लेकर बांस घाट पहुँचीं.

अस्पताल में 60 वर्षीय महिला को लकवे के इलाज़ के लिए भर्ती कराया गया था पर जैसा कि अस्पताल का रिकॉर्ड है, इलाज़ कम और मौतें ज्यादा होती हैं, तो  इलाज के दौरान सोमवार को शांति देवी की मौत हो गई. महिला की मौत होने के बाद परिजनों ने शव को बांसघाट तक ले जाने के लिए शव वाहन या एम्बुलेंस की मांग की, लेकिन पीएमसीएच की तरफ से कोई मदद नहीं मिली. इसके  बाद परिजनों ने निजी एम्बुलेंस वालों से बात की पर उन्होंने चार हज़ार रुपए मांगे. इतने  पैसे नहीं होने के कारण पीएमसीएच गेट नंबर दो के पास से बांस की फट्टियों की अर्थी खरीदी और दो महिलाये व अन्य परिजन शव उठाकर बांसघाट चल दिए.

अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि ऐसी किसी प्रकार की घटना की उन्हें सूचना नहीं है. गरीबों के लिए नि:शुल्क व्यवस्था है. पूरे मामले की छानबीन कराएंगे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी. यदि किसी कर्मी ने लापरवाही बरती होगी तो जरूर कार्रवाई की जाएगी.

पहला मामला नहीं
दुर्भाग्य से यह कोई पहला मौका नहीं था.  बीते दिनों एक पिता को अपनी बेटी को गोद में लेकर हॉस्पिटल में घूमना पड़ा था. बच्ची को ऑक्सीजन मास्क लगा था और परिजनों को मजबूरन ऑक्सीजन सिलिंडर हाथ में लेकर चलना पड़ा रहा था.


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