रांची : धर्मांतरण के घेरे में 88 स्वयंसेवी संस्थाएं

बच्चों की खरीद-बिक्री से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं की जांच अभी चल ही रही है. अब धर्मांतरण में विदेशी पैसा खर्च किये जाने की आशंका के मद्देनजर 88 स्वयंसेवी संस्थाओं की जांच के केंद्र सरकार के आदेश के बाद सीआइडी मुख्यालय ने कवायद शुरू कर दी है. जो संस्था जिस जिले की है, वहां एडीएसपी के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच करायी जायेगी.
एक टीम के जिम्मे अधिकतम तीन संस्थाओं के जांच की जवाबदेही होगी. जबकि, पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर फाइनल रिपोर्ट सीआइडी द्वारा सरकार को भेजा जायेगा.
झारखंड में एफसीआरए के जरिये 88 एनजीओ को वित्तीय वर्ष 2013- 14, 2014-15 व 2015- 16 में 2.65 अरब  रुपये मिले थे. वर्ष 2016 में राज्य की विशेष शाखा ने आशंका जाहिर की थी कि विदेशी फंड के पैसे से मिशनरी संस्थाएं धर्मांतरण करा रही हैं. इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से उक्त संस्थाओं की जांच का आदेश कुछ दिनों पूर्व दिया गया था.
ये संस्थाएं भी आयेंगे जांच के दायरे में : सिमडेगा कैथोलिक डायोसिस, हजारीबाग जेसुईट एजुकेशन सोसाइटी, हॉलीक्राॅस इंस्टीट्यूट, कार्मेल आश्रम सीतागढ़, कोडरमा होली फैमिली हॉस्पिटल,  हजारीबाग कार्मेल सोसाइटी, हजारीबाग कैथोलिक डायोसिस, हॉलीक्राॅस कृषि  विद्या ट्रस्ट, एडिथ जैक्शन फीसर्स मेमोरियल हॉस्पिटल, चंद्रपुरा मिशन  मिडिल स्कूल, थियोडोरी क्रिश्चयन हॉस्पिटल, डाल्टेनगंज कैथोलिक डायोसिस, पेंटीकॉस्टल हॉलीनेस चर्च, रांची फ्रांसिसियन सोसाइटी, रांची कार्मेलाइट सोसाइटी, रांची कैथोलिक आर्चडासयिस, रांची हॉलीक्राॅस सिस्टर्स सोसाइटी, रांची जेसुईट, रांची उर्सुलाइन सोसाइटी, सैमुअल हीनमैन एसोसिएट्स एंड रिसर्च सेंटर, सिमडेगा कैथोलिक आइसिरियन एजुकेशन सोसाइटी,  द पोड़ैयाहाट हॉली फैमिली सोसाइटी, द सिस्टर्स ऑफ चार्ल्स सोसाइटी, ट्राइबल ह्यूमनिटी डेवलपमेंट एक्टिविटी,
जेवियर्स एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी, फुलीन महिला चेतना विकास केंद्र, ट्राइबल फाउंडेशन, डामियन सोशल वेलफेयर सेंटर, भारतीय ख्रीस्ती सेवादल ट्रस्ट, सथी सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट इन ट्राइब्स हेल्थ एजुकेशन एनवायरोमेंट, महेश मुंडा हॉलीक्राॅस सिस्टर्स सोसाइटी, ग्राम उत्थान केंद्र, डॉन बोस्को सेंटर केरेंग, कार्मेल आश्रम, द कैथोलिक क्रिश्चन माइनोरिटी बोर्ड ऑफ एजुकेशन, कैथोलिक चैरिटी, सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ सेंट विंसेंट डी पॉल, हॉली फैमिली हॉस्पिटल, डायोसिस ऑफ छोटानागपुर, द इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्टर्स ऑफ चैरिटी, डाॅन बोस्को यूथ सेंटर, गोस्सनर इवेंजेलिकल लूथेरन चर्च इन छोटानागपुर एंड असम, मातृछाया, इंस्टीट्यूट ऑफ ऑबलेस सिस्टर्स आॅफ नाजरेथ सोसाइटी, सोसाइटी ऑफ एबे ऑफ बर्नी, जमशेदपुर डायोसिस कॉरपोरेशन, महुआडार कार्मेल हॉस्पिटल सोसाइटी, सिस्टर्स ऑफ प्रोविडेंस ऑफ गैप सोसाइटी, सिस्टर्स  ऑफ रांची फ्रांसिसियन  ब्रदर्स, सिस्टर्स  ऑफ सेंट जोसेफ ट्रेनिंग स्कूल, सोसियो इकॉनोमिक्स एंड सी  एजुकेशन डेवलपमेंट, साउथ बिहार वेलफेयर सोसाइटी फॉर ट्राइब्स, सेंट  अलबर्ट कॉलेज, सेंट सीडी कोलंबस हॉस्पिटल सोसाइटी, सेंट माइकल स्कूल फॉर  ब्लाइंड, सेंट स्टेनस्लांस कॉलेज, सेंट पॉल टोंगा रेसिडेंट स्कूल, सेंट  कैमिलियन सिस्टर्स सोसाइटी, द क्रिश्चयन एसेंबली ऑफ बिहार, द कांग्रेसन ऑफ द  डाउटर्स ऑफ सेंट अन्ना.
किस किस एनजीओ को मिला था कितना फंड
डॉन बोस्को टेक्निकल स्कूल  29.71 लाख
गुमला कैथलिक डायोसिस  3.89 करोड़
गुमला उर्सुलाइन सोसाइटी  66.61 लाख
हजारीबाग कैथलिक एजुकेशन एसो 5.07 लाख
होली फेथ ट्राइवल वेलफेयर ट्रस्ट  1.43 करोड़
इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिश्चियन डॉक्टर फादर्स सोसाइटी 4.02 करोड़
इंस्टीट्यूट ऑफ मिशनरीज ऑफ जीजस द इटर्नल प्रीस्ट  1.59 करोड़
इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्टर्स ऑफ चैरिटी 39.48 लाख
जमशेदपुर जीसस सोसाइटी  10.01 करोड़
जेसुइट ऑफ संताल सोसाइटी  39.80 करोड़
खूंटी कैथोलिक डायोसिस  7.91 करोड़
कोडरमा ग्रेनोशियन सोसाइटी  67.91 लाख
लूथरन गर्ल्स हॉस्टल  68.50 लाख
मेडिकल सिस्टर्स ऑफ सेंट फ्रांसिस 30.94 लाख
वेथल मिशन   2.09 करोड़
अयो अदिरी ट्रस्ट  13.65 लाख
बेथल आउटरेच मिन्ट्रिरी  69.95 लाख
ब्रदर्स ऑफ सेंट गैब्रियल एजुकेशन सोसाइटी 32.85 लाख
कैपचीन फायर्स माइनर सोसाइटी 7.45 करोड़
कैथोलिक चैरिटीज  1.56 करोड़
कैथोलिक हेल्थ एसोसिएशन  56.20 लाख
डॉटर्स ऑफ सेंट अन्ना  84.75 लाख
मिशन इवेंगेलस्टिकि एसोसिएशन 1.84 करोड़
नार्दन इवेंगेलस्टिकि लूथेरन चर्च  54.44 लाख
गृह मंत्रालय ने करायी जांच , दाे संस्थाआें का निबंधन रद्द
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनिल मल्लिक ने राज्य के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को पत्र भेजा है. पत्र में जिक्र है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को 88 एनजीओ के खिलाफ शिकायत मिली थी. मामले की अपने स्तर से गृह मंत्रालय ने जांच करायी.
जांच में यह पाया गया कि 88 में से दो एनजीओ ऐसे हैं, जिन्होंने बार-बार नोटिस दिये जाने के बावजूद एनुअल रिटर्न की जानकारी नहीं सौंपी. इन दोनों संस्थाओं का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया है. वहीं, पांच एनजीओ के एफसीआरए को डीम्ड सीज्ड कैटेगरी में रखा गया है.
इन संस्थाओं के फॉरेन फंड को फ्रीज भी किया जा सकता है. गृह मंत्रालय के पत्र में जिक्र है कि राज्य के 59 अन्य एनजीओ (88 एनजीओ में इनका जिक्र नहीं था, शिकायत के दायरे में ये नहीं थीं) ऐसे हैं, जिन्होंने एफसीआरए की एैनुअल रिपोर्ट नहीं दी, उनका भी एफसीआरए रद्द हो सकता है.

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