जैमर लगाकर बिहार कर्मचारी चयन आयोग लेगा परीक्षा

प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को लेकर इस बार सजग है आयोग
बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों से बचने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने का निर्णय लिया है. इसके लिए आयोग के अधिकारियों  ने जरुरी तैयारी शुरू कर दी है. बाकायदा एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है.
दरअसल, प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. पेपर लीक से लेकर अन्य तरह की समस्याओं से अधिकारी परेशान हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं को फुलप्रूफ बनाने की कवायद को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी का यह एक हिस्सा है. बिहार कर्मचारी चयन आयोग के इतिहास पर नजर डालें तो कुछ अच्छा अनुभव नहीं होगा.
पेपर लीक के कारण पूरे देश में हुई थी किरकिरी
पेपर लीक घोटाला तो ऐसा हुआ कि पूरे देश में आयोग की किरकिरी हुई थी. करीब 13120 पदों के लिए 18 लाख 54 हजार अभ्यर्थी लाइन में हैं. पेपर लीक घोटाले ने इन पदों के अभ्यर्थियों का सपना तोड़ कर रख दिया था. इस दौरान अध्यक्ष रहे सुधीर कुमार व सचिव रहे परमेश्वर राम पर कानूनी कार्रवाई चल रही है.
बहरहाल, अब आयोग ज्यादा सतर्कता बरत रहा है. हर सेंटर पर जैमर लगाने की तैयारी है. माना जाता है कि  मोबाइल फोन की कनेक्टिविटी के कारण होता है. इसमें विभिन्न तरह के सोशल मीडिया के प्लेटफाॅर्म का भी उपयोग होता है. आयोग का मानना है कि परीक्षा के दौरान कनेक्टिविटी ही नहीं मिलेगी तो इस तरह की अनहोनी से बचा जा सकेगा. सूत्रों की मानें तो जैमर लगाने वाली कंपनियों के नाम पर चर्चा शुरू हो गयी है. आयोग एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी करने में जुट गया है.

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