पश्चिम बंगाल में विद्यार्थी 12वीं के बाद चार साल के बीए-बीएड व बीएससी-बीएड कोर्स में दाखिला ले सकेंगे

एडवांस्ड कोर्स में अध्यापन के अलावा पाठ्येतर गतिविधि में भी ट्रेंड करने की तैयारी. 2019 से विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे
कोलकाता : अध्यापन के क्षेत्र में जाने वाले छात्रों के लिए  बैचलर ऑफ एजुकेशन का दो साल का कोर्स चार साल के इंटिग्रेटेड टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम में बदलने की योजना बनायी जा रही है.
स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पहले एक साल के बीएड कोर्स की व्यवस्था की गयी थी. बाद में बीएड का प्रशिक्षण दो साल के लिए किया गया. अब शिक्षा के क्षेत्र में जाने के इच्छुक छात्र 12वीं के बाद चार साल के बीए-बीएड व बीएससी-बीएड कोर्स में दाखिला ले सकते हैं. इस कोर्स से छात्रों को रोजगार पाने में सुविधा होगी. एडवांस्ड कोर्स के आधार पर छात्र अध्यापन के अलावा पाठ्येतर गतिविधि में भी छात्रों को ट्रेंड कर सकते हैं.
इसके लिए संशोधित पाठ्यक्रम की तैयारी की जा रही है. अब नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) ने इस पर काम करने के लिए सुझाव दिया है. इसमें छात्रों के लिए विकल्प रहेगा. स्कूल शिक्षा सचिव ने इसके लिए एक पत्र लिखा है. अब टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम को बीटेक व एमबीबीएस प्रोग्राम की तरह बनाया जायेगा. इसमें 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही छात्र दाखिला ले सकते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की क्वालिटी को विकसित करने के लिए बीएड पैटर्न में बदलाव किया जा रहा है. 12वीं के बाद शिक्षक बनने के इच्छुक छात्र इसमें रुचि के अनुसार बीएड. कोर्स का चयन कर सकते हैं. नाैकरी के हिसाब से इसमें संभावनाएं अधिक हैं. वर्ष 2019 से छात्र इसमें आवेदन कर सकते हैं.

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