कम उम्र में सेवानिवृति की प्रवृति फ़ैल रही है भारतीयों में

मुंबई: देश में नौकरी के प्रति दृष्टिकोण बदल रहा है. अब पहले की तरह लोग 60 साल तक काम में खुद को झोंके नहीं रखना चाहते हैं. वे चाहते हैं कि अपने अन्य शौक़ या पैशन के लिए भी समय निकालें. ऐसे में देश में अब लोगों के बीच कम उम्र में सेवानिवृत्त होकर बाद में अस्थायी काम करते रहने या कुछ घंटे काम करते रहने का चलन बढ़ रहा है. एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार 54% भारतीय इस तरह की सेवानिवृत्ति की योजना बना रहे हैं जबकि दुनिया में इसका औसत 56% है.

एचएसबीसी की ‘सेवानिवृत्ति का भविष्य : अंतर को पाटना’ रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में कामकाजी भारतीयों में 54% लोग ऐसे हैं जो चाहते हैं कि कम उम्र में सेवानिवृत्ति लेकर बाद में कुछ-कुछ काम करते रहा जाए. इसे ‘अर्द्ध-सेवानिवृत्ति’ की संज्ञा दी गई है.

यह सर्वेक्षण एचएसबीसी के लिए इप्सॉस ने ऑनलाइन किया. इसमें 16 देशों के 16,000 व्यस्कों के बीच सर्वेक्षण किया गया. ये देश अर्जेंटीना, कनाडा, चीन, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, मेक्सिको, सिंगापुर, ताइवान, फ्रांस, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका हैं.

इतना ही नहीं सर्वेक्षण में यह भी खुलासा हुआ है कि नयी पीढ़ी अब अपनी अगली पीढ़ी के लिए संपत्ति संग्रह में उतना विश्वास नहीं रखती. बल्कि वह चाहती है कि अगली पीढ़ी अपने लिए खुद से संपत्ति बनाए.

देश के 22% लोगों का मानना है कि अगली पीढ़ी अपने लिए संपत्ति का निर्माण खुद करे जबकि 13% लोग ऐसे हैं जो अगली पीढ़ी के लिए ज्यादा से ज्यादा संपत्ति संचय करना चाहते हैं. वैश्विक आधार पर यह औसत क्रमश: 21 और 13 प्रतिशत है.


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