#Muzaffarpur shelter home case: ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस

पटना: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम  रेप केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Department) ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत के केस दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offence Unit) ने एक हफ्ते पहले ईडी को मुजफ्फरपुर में ठाकुर के 2.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का विवरण भेजा था, जिसके बाद यह केस दर्ज किया गया है.

इस केस में ब्रजेश ठाकुर और आरोपियों समेत ब्रजेश के बेटे और पत्नी को भी ईडी जल्द ही सम्मन जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकता है. बता दें कि ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर के सोहा रोड में शेल्टर होम चलने वाले सेवा संकल्प एवं विकास समिति नामक गैर सरकारी संगठन का मालिक है। बच्चों के अलावा ठाकुर उसी इलाके में महिलाओं का भी शेल्टर होम चलाता था.

ईडी के सूत्रों ने बताया कि मुजफ्फरपुर के महिला थाने में इसी साल 31 मई को शेल्टर होम रेप केस में दर्ज की गई एफआईआर में आरोपी बनाए गए ब्रजेश ठाकुर और अन्य आरोपियों के खिलाफ ही मामला दर्ज किया गया है. सूत्रों ने बताया, ‘ईओयू ने हमारे पास 2.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का विवरण भेजा था, जिसे ठाकुर ने कथित रूप से सरकारी धन का दुरुपयोग कर बनाया किया था.’

ईओयू की रिपोर्ट में ठाकुर के उन 12 भूखंडों का विवरण है, जो उस समयावधि में खरीदा गया था, जब उसे सरकारी धन मिल रहा था. यह जानकारी तत्कालीन एसपी हरप्रीत कौर के निर्देश पर मुजफ्फरपुर पुलिस ने जमा की थी. ईडी सूत्रों का मानना है कि उनकी विस्तृत जांच के बाद ठाकुर के पास और अधिक चल और अचल संपत्ति का पता चलेगा.

ईडी सूत्रों ने कहा, ‘हम सबूत मिलने पर ठाकुर अलावा उन लोगों की भी जांच करेंगे जो इस केस में आरोपी नहीं.’ बता दें कि इस चर्चित केस की जांच अभी सीबीआई कर रही है. इस केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 15 लोग जेल में बंद हैं, जिनमें से पांच को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.