बिहार में सूखे के संकट से निबटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है: नीतीश कुमार

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि बिहार का करीब आधा हिस्सा इस समय सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है. वहीं भूजल स्तर नीचे जा रहा है, जिससे पेयजल संकट की आशंका है. सरकार ने इससे निबटने के लिए पूरी तैयारी की है. मुख्यमंत्री बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बीएसडीएमए) के 11वें स्थापना दिवस पर अधिवेशन भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे.
इस दौरान उन्होंने आपदा जोखिम कम करने के रोड मैप  को ठीक तरीके से क्रियान्वित करने का प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिया. साथ ही मुंगेर में बोरवेल से गिरी बच्ची को बचाने वाले एसडीआरएफ के मुरारी प्रसाद चौरसिया को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय बिहार के 24 जिलों के 275 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है.
सूखे का एक भी मानक पूरा करने वाले प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित किया जायेगा. किसानों की   सहायता के लिए इनपुट सब्सिडी दी जायेगी. इसके लिए कैबिनेट से पैसे   का इंतजाम कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस बार वैशाख में पुरवइया हवा चलने पर बारिश कम होने की आशंका हुई थी, क्योंकि इस समय पछिया हवा चलनी चाहिए थी. राज्य में बारिश कम होने की आशंका सच साबित हुई. यदि जून में अच्छी बारिश होगी, तो हालात सुधरेंगे.
नीचे जा रहा भूजल स्तर
नीतीश कुमार ने कहा कि बारिश कम होने से भूजल स्तर नीचे जा रहा है. जनवरी-फरवरी के बाद से पीने के पानी का संकट हो सकता है. तालाब वगैरह सूखने से पशुओं को नहाने और पीने के पानी की समस्या हो सकती है.
उनके लिए कैंप लगाकर चारा-पानी का इंतजाम किया जायेगा. तालाबों को चिह्नित कर उसमें पानी की व्यवस्था की जायेगी. वहां सोलर पंप लगवाये जायेंगे. टैंकर से पानी की व्यवस्था की जायेगी. चापाकल की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है. नये चापाकल लगवाये जा रहे हैं.
नये पुलिस भवन की तारीफ की
पटना के बेली रोड पर 305 करोड़ से बने राज्य के पहले भूकंपरोधी सरदार पटेल भवन (पुलिस मुख्यालय) की मुख्यमंत्री ने तारीफ की. उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह पुलिसकर्मियों को सुरक्षित रखने के लिए सजग है, उसी तरह पुलिसकर्मियों का भी दायित्व है कि राज्य के लोगों को सुरक्षित और भयमुक्त रखें. सात मंजिला यह भवन बेस आईसोलेशन  तकनीक पर निर्मित है.
यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और आपदा के समय भी इस भवन से विधि-व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सकेगा. इसमें पुलिस व आपदा विभाग के अधिकारी बैठेंगे. भवन को 12 दिनों के पावर बैकअप सहित अन्य सुविधाओं से लैस किया गया है. यह इमारत नौ रिक्टर पैमाने तक के भूकंप के झटकों को आसानी से झेल सकेगी. इस भवन की छत पर एक हेलीपैड भी बना है, जिसका इस्तेमाल  आपदा की स्थिति में किया जा सकता है.
 
पीएमसीएच बनेगा विश्वस्तरीय अस्पताल
सीएम ने कहा कि पीएमसीएच को 5000 बेडों  की क्षमता वाला विश्वस्तरीय अस्पताल बनाया जा रहा है. यह बेस आईसोलेशन  तकनीक पर निर्मित होगा, जिसका बजट 5400 करोड़ रुपये है. यह तीन फेज  में बनेगा. निर्माण कार्य पांच वर्षों में पूरा होगा. इसके ऊपर हेलीपैड का  भी निर्माण किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पुराने महत्वपूर्ण भवनों को  रेटरोफिटिंग करके भूकंपरोधी बनाया जा रहा है.
हालांकि, इसमें काफी खर्च आ  रहा है, जो ज्यादा महत्वपूर्ण सरकारी भवन हैं, उन्हें ही रेटरोफिटिंग  द्वारा भूकंपरोधी बनाया जाना है. जिन भवनों की उम्र काफी हो गयी है, उनकी जगह  नया भवन बनाना ज्यादा अच्छा है.

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