नौकरी में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बिहार सरकार नियुक्ति से पहले भी बायोमेट्रिक जांच करेगी

पटना : हाल के वर्षों में सरकारी नौकरियों में नियुक्ति में फर्जी के मामले सामने आने से बिहार सरकार को विरोधियों के कई सवालों से दो चार होना पड़ा है. इस स्थिति से निबटने के लिए अब बिहार सरकार ने कमर कस लिया है.  प्रतियोगिता परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों से निबटने के  लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है.
इसी क्रम में बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने नयी व्यवस्था की है. सभी तरह की प्रतियोगिता परीक्षा और साक्षात्कार आदि की प्रक्रिया पूरी कर सफल होने वाले छात्रों को नियुक्ति से पहले एक बार और बायोमेट्रिक प्रणाली की जांच से गुजरना होगा. ध्यान रहे कि लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा या साक्षात्कार के दौरान पहले से ही बायोमेट्रिक मशीन की मदद ली जाती है. अब सबकुछ फाइनल होने के बाद ज्वाइनिंग से पहले इस जांच से गुजरना होगा.
सूत्रों की मानें तो करीब तीन साल पहले 900 फायरमैन की भर्ती प्रक्रिया पूरी गयी थी. इनकी ज्वाइनिंग कई क्रम में हुई. इसी दौरान रोज कोई न कोई फर्जी अभ्यर्थी का मामला सामने आ रहा था. करीब 26 लोग इस दौरान पकड़े गये थे. ये ऐसे लोग थे, जो फर्जीवाड़ा करते हुए नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे थे.
लिखित से लेकर अन्य परीक्षाओं में इनका कोई रिकॉर्ड नहीं था. इसमें इन अभ्यर्थियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करायी गयी थी. इस तरह की घटनाएं कुछ अन्य विभागों में भी सामने आयी थीं. इसके बाद सरकार ने इन सब से निबटने की अलग से व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया था. इसी के बाद विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने को लेकर लगातार काम चल रहा है.
हाल ही में फायर और होमगार्ड डिपार्टमेंट में बिहार कर्मचारी चयन आयोग की नयी व्यवस्था के तहत प्रक्रिया चल रही है. जानकारी के मुताबिक कुल 17 अभ्यर्थियों का चयन दो पदों के लिए हुआ है. इसमें छह अभ्यर्थी होम गार्ड में सब इंस्पेक्टर रैंक में चयनित हुए हैं.
11 अभ्यर्थियों का चयन फायर के लिए स्टेशन ऑफिसर के पद पर हुआ है. इनकी ज्वाइनिंग होनी है. इसके लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने पूरा दिश-निर्देश जारी किया है. इसके तहत सफल अभ्यर्थियों को ज्वाइन कराने से पहले बायोमेट्रिक प्रणाली से गुजरना होगा. निजी एजेंसियों से बायोमेट्रिक मशीन ली जायेगी.
आयोग ने बायोमेट्रिक मशीन का स्पेसीफिकेशन भी तय किया है. उसी के अनुसार मशीन होनी चाहिए. ताकि किसी भी अभ्यर्थी का डाटा लीक न हो सके. सभी अभ्यर्थियों का Thumb impression का फॉर्मेट सीडी में बाकायदा आयोग संबंधित विभागों को भेज देना है.

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