शेल्टर होम में गड़बड़ी की जांच का दायरा ब्रजेश ठाकुर और मनीषा दयाल से बढाकर राज्य भर में किया जाये

पटनाः  बिहार में लड़कियों के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था विवादों से उबरी नहीं है. हालांकि टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज ने राज्य भर में लगभग सौ से अधिक शेल्टर होम में विभिन्न स्तर की गड़बड़ियों की ओर इशारा किया था, पर जांच फिलहाल सोशलाइट मनीषा दयाल के एनजीओ आसरा शेल्टर होम और मनीषा दयाल से जुड़े ब्रजेश ठाकुर के शेल्टर होम में हुए यौन शोषण की घटनाओं तक सिमट गयी है. लेकिन रविवार को पटना के ही एक अन्य आशा किरण शेल्टर होम में हुई गड़बड़ी ने एक बार फिर बाकी शेल्टर होम की ओर ध्यान खींचा है. ताजा जानकारी के अनुसार पाटलिपुत्र स्थित आशा किरण शेल्टर होम से भागी चार लड़कियों में से एक लड़की अपने घर पश्चिम बंगाल के 24 परगना पहुंच गई है.  वहीं बाकी  तीन लड़कियों के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है.

रविवार को पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी इलाके में स्थित आशा किरण शेल्टर होम से चार लड़कियां खिड़की में दुपट्टा बांधकर वहां से फरार हो गई थी. चार लड़कियों में से एक लड़की पश्चिम बंगाल के 24 परगना पहुंच गई है. लड़की की बहन ने पाटलिपुत्र के थानाध्यक्ष को इस बात की जानकारी दी है. लड़की ने बताया कि अन्य लड़कियों ने भी घर जाने की बात कही थी. अन्य तीन लड़कियां बिहार के अररिया, बक्सर और पटना की रहने वाली हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले पटना का आसरा शेल्टर होम भी विवादों में रह चुका है. आसरा शेल्टर होम की चार युवतियों ने भी खिड़की से फरार होने की कोशिश की थी लेकिन वह कामयाब नहीं हुईं. इसके अतिरिक्त मुजफ्फरपुरमें ब्रजेश ठाकुर  के बालिका गृह में 34 लड़कियों के   यौन शोषण होने का खुलासा हो चुका है, जिस पर सीबीआई  जांच कर रही है.


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