पटना में गंगा नदी पर गांधी सेतु के सामानांतर 4 लेन का नया पुल बनेगा; केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

पटना: बिहार वासियों के लिए एक अच्छी खबर है. पटना में गांधी सेतु के सामानांतर गंगा नदी पर एक चार लेन के पुल के निर्माण की केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी पर गांधी सेतु के समानांतर एक नए 4 लेन के पुल के निर्माण को दी मंजूरी. इस पर 2,926.42 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और यह तीन साल में बनकर तैयार होगा.’


ज्ञात हो कि पटना का गाँधी सेतु पुल इंदिरा गाँधी सरकार के द्वारा बनाया गया था. काफी लम्बे समय तक ये 5.85 किमी लंबा नदी पुल दुनिया का सबसे लम्बा नदी पुल रहा. पर इस पुल के निर्माण के दौरान भ्रष्टाचार और निम्न क्वालिटी के सामान के इस्तेमाल की खबरें आयीं. नतीजा पुल ज्यादा वर्षों तक नहीं चल पाया. लम्बे समय से पुल के मरम्मत का काम चल रहा है. काफी समय से पुल के एक लेन पर ही ट्रैफिक की आवाजाही हो रही है. गांधी सेतु गंगा उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला लाइफ लाइन है. ऐसे में ट्रैफिक बढ़ जाने के चलते बिहार सरकार ट्रैफिक लोड कम करने के लिए पीपा पुल का निर्माण करती है, जिसे बारिश के समय बंद कर दिया जाता है, और फिर गंगा में पानी का स्तर कम होने पर फिर से चालु कर दिया जाता है.

हाल फिलहाल राजेंद्र पुल की स्थिति भी ख़राब चल रही है. ऐसे में मोकामा की ओर से भी भारी वाहनों का आना जाना नहीं हो पा रहा था. इसके अलावा जेपी पुल के निर्माण से गांधी सेतु पर लोड थोड़ा कम हुआ. और छपरा की ओर निकलने वाली गाड़ियां जेपी पुल का इस्तेमाल कर रही हैं, पर उस पुल पर भी भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक है. ऐसे में बिज़नस का भी काफी नुकसान हो रहा था.

गंगा नदी पर एक और पुल बख्तियारपुर की ओर निर्माण के स्टेज में है. अब उम्मीद है कि समय सीमा के तहत इस नए प्रस्तावित पुल के निर्माण से आने वाले दिनों में ट्रैफिक मैनेजमेंट में मदद मिलेगी और उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच यातायात सुचारू रूप में चल पायेगा.


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